कुरुक्षेत्र, 4 नवंबर 2026 (संजीव शर्मा): उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि जिले में धान की फसल के अवशेष (पराली) जलाने की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए कृषि विभाग एवं पुलिस विभाग द्वारा लगातार संयुक्त फ्लैग मार्च और गश्त की जा रही है। जिले के विभिन्न गांवों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि पराली जलाने की घटनाओं को समय रहते रोका जा सके।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि कृषि विभाग व प्रशासन द्वारा किसानों से अपील की जा रही है कि वे धान के फसल अवशेषों को खेतों में आग न लगाएं। पराली प्रबंधन के लिए सरकार द्वारा उपलब्ध करवाई गई इन-सीटू एवं एक्स-सीटू तकनीकों और कृषि मशीनरी का उपयोग करें। फसल अवशेष जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होता है। इससे मिट्टी में मौजूद लाभकारी सूक्ष्मजीव नष्ट हो जाते हैं और भूमि की उर्वरता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। यदि कोई भी किसान धान के फसल अवशेषों में आग लगाते हुए पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा तथा संबंधित प्रावधानों के तहत चालान, एफआईआर एवं अन्य आवश्यक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि किसान पराली न जलाएं और फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करके पर्यावरण संरक्षण में अपना सहयोग दें। पराली का उचित प्रबंधन करने से वायु प्रदूषण को कम करने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता भी बनाए रखी जा सकती है। किसान पर्यावरण संरक्षण को अपनी सामूहिक जिम्मेदारी समझें और पराली जलाने से बचकर स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण बनाने में सहयोग करें।






