चंडीगढ़, 28 नवंबर 2025: देश में शिक्षा, खेल और संस्कृति के स्तर को ऊँचा उठाने में निजी स्कूलों के योगदान को सम्मानित करने के लिए, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी द्वारा फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल्स एंड एसोसिएशन्स ऑफ पंजाब (FAP) के सहयोग से दो दिवसीय FAP राष्ट्रीय पुरस्कार 2025 का शुभारंभ किया गया। समारोह के दौरान देशभर के 800 से अधिक प्रिंसिपल, शिक्षक और प्रतिभाशाली छात्रों को सम्मानित किया गया।
हरियाणा के राज्यपाल प्रो. आशीम कुमार घोष ने मुख्य अतिथि के रूप में पुरस्कार समारोह का उद्घाटन किया। उनके साथ उनकी पत्नी मित्रा घोष भी उपस्थित रहीं। इसके अलावा राज्यसभा सांसद और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर सतनाम सिंह संधू विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए।
समारोह में ICSE बोर्ड के चेयरमैन डॉ. जी. इमैनुअल, प्रसिद्ध गायक-अभिनेता गुरनाम भुल्लर, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर डॉ. रवीराजा एन. सीताराम, सीनियर मैनेजिंग डायरेक्टर दीपिंदर सिंह संधू तथा FAP के अध्यक्ष डॉ. जगजीत सिंह धूरी भी मौजूद थे।
पहले दिन 18 राज्यों से 782 शिक्षकों-स्कूलों-छात्रों को सम्मान
समारोह के पहले दिन 18 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के 782 स्कूलों, शिक्षकों, प्रिंसिपलों और छात्रों को 20 अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित किया गया। इनमें शामिल रहे:
लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड
अकादमिक अचीवमेंट अवॉर्ड
प्राइड ऑफ इंडिया – अकादमिक अचीवमेंट
प्राइड ऑफ इंडिया – स्पोर्ट्स अचीवमेंट
साथ ही, 105 स्कूलों के 315 छात्रों को अकादमिक उपलब्धियों और 356 छात्रों को खेल उपलब्धियों के लिए सम्मान दिया गया।
राज्यपाल ने कहा – निजी स्कूल गुणवत्ता शिक्षा के प्रमुख स्तंभ
राज्यपाल प्रो. घोष ने कहा कि देश के 14.72 लाख स्कूलों में से 3.4 लाख निजी स्कूल हैं, जो कुल संख्या का 23% हिस्सा हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि FAP जैसे संगठन यह सुनिश्चित करें कि समाज के वंचित वर्गों के बच्चों को भी निजी स्कूलों में समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व क्षमता के कारण भारत की शिक्षा प्रणाली विश्व स्तर पर स्थापित हो रही है।
उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति, इनोवेशन इंडेक्स में भारत की 81 से 39 रैंक तक की प्रगति, पेटेंट फाइलिंग में 31% वृद्धि और शिक्षा बजट में भारी वृद्धि का भी उल्लेख किया।
चांसलर सतनाम संधू – शिक्षा बदलाव का सबसे बड़ा माध्यम
चांसलर सतनाम सिंह संधू ने कहा कि समाज में आया हर सकारात्मक बदलाव शिक्षकों के योगदान से ही संभव हुआ है।
उन्होंने कहा कि भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और आज भारत दुनिया की 11वीं से 4वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।
उन्होंने कहा कि NEP-2020 का लक्ष्य भारत को वैश्विक शिक्षा हब बनाना है और इसमें शिक्षकों व संस्थानों की भूमिका निर्णायक होगी।
FAP अध्यक्ष – निजी स्कूलों के योगदान को अब मिल रहा सही सम्मान
FAP अध्यक्ष डॉ. जगजीत सिंह धूरी ने कहा कि निजी स्कूलों और उनके शिक्षकों ने शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने में अनमोल योगदान दिया है, लेकिन लंबे समय तक इन्हें मान्यता नहीं मिली।
उन्होंने बताया कि 2021 से 2025 के बीच 11,001 शिक्षकों, प्रिंसिपलों, स्टाफ और छात्रों को बिना किसी शुल्क के FAP राष्ट्रीय पुरस्कार दिए गए — यह एक वैश्विक रिकॉर्ड है।






