पिछली सरकारों द्वारा अनदेखे किए गए विरासत मेलों के लिए मान सरकार ने बजट 5 करोड़ से बढ़ाकर 70 करोड़ किया: हरपाल सिंह चीमा
- पंजाब सखी शक्ति मेले ग्रामीण स्तर के महिला स्वयं सहायता समूहों और महिला उद्यमियों के लिए मजबूत मार्केटिंग मंच: चीमा
- वित्त मंत्री ने लोगों को पंजाब सखी शक्ति क्राफ्ट मेले का आनंद लेने का दिया न्योता
- देश भर से आए लोक नृत्यों और लोक कलाओं के कलाकारों ने मचाई धूम
- शिल्पकारी वस्तुओं की पहले दिन जमकर हुई खरीद-फरोख्त; मनोरंजन और खान-पान के शौकीनों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना मेला
पटियाला, 21 फरवरी, 2026 : पटियाला और आसपास के लोगों को ग्रामीण महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों और देश भर के शिल्पकारों द्वारा बनाई गई वस्तुओं को एक ही मंच पर उपलब्ध करवाने के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों की संस्कृति से अवगत कराने के लिए पटियाला की ऐतिहासिक इमारत ‘शीश महल’ में आयोजित ‘पंजाब सखी शक्ति क्राफ्ट मेले’ का आगाज़ आज यहाँ धूमधाम से हुआ।
2 मार्च तक चलने वाले इस मेले का उद्घाटन पंजाब के वित्त, योजना और कराधान मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने रिबन काटकर किया। इस अवसर पर उनके साथ मेयर कुंदन गोगिया, उपायुक्त (DC) वरजीत वालिया और ए.डी.सी. (ग्रामीण विकास) दमनजीत सिंह मान भी मौजूद थे। मेले में पहुँचने पर मुख्य अतिथि का स्वागत पारंपरिक लोक नृत्यों और कलाकारों द्वारा किया गया।
इस अवसर पर वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पिछली सरकारों ने पंजाब की समृद्ध विरासत, संस्कृति और ग्रामीण स्तर के उद्यमों की अनदेखी की थी, लेकिन मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी की सरकार ने ऐसे मेलों के लिए बजट 5 करोड़ से बढ़ाकर 70 करोड़ रुपये कर दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे मेले पंजाब को वास्तविक अर्थों में ‘रंगला पंजाब’ बनाने की दिशा में एक सार्थक कदम हैं।
वित्त मंत्री ने बताया कि पंजाब सखी शक्ति मेला ग्रामीण स्तर के महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) और महिला उद्यमियों को सरकारी स्तर पर एक मजबूत मार्केटिंग प्लेटफॉर्म प्रदान करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि ये समूह उच्च गुणवत्ता वाले ऑर्गेनिक और पारंपरिक उत्पाद तैयार करते हैं, लेकिन बड़े स्तर पर मार्केटिंग के अवसर न मिलने के कारण उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ता था।
वित्त मंत्री ने बताया कि इस कमी को पूरा करने के लिए ‘पंजाब राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन’ द्वारा ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के अधीन, उद्योग और वाणिज्य विभाग के सहयोग से ऐसे मेले आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने विभिन्न स्टालों का दौरा किया और दस्तकारों की हिम्मत व उद्यमी जज्बे की सराहना की।
इसी दौरान हरपाल सिंह चीमा ने शीश महल में पुरालेख विभाग द्वारा करीब 20 वर्षों बाद लगाई गई प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया, जिसमें महाराजा रणजीत सिंह के ‘खालसा दरबार’ की पांडुलिपियां, महाराजा दलीप सिंह द्वारा लिखे गए पत्र और 1858 का पंजाब गजट प्रदर्शित किया गया है।
वित्त मंत्री ने पंजाबी विश्वविद्यालय द्वारा उद्यमिता, नवाचार और करियर हब के तहत छात्रों द्वारा बनाई गई पारंपरिक वस्तुओं की प्रदर्शनी और पंजाब डिजिटल लाइब्रेरी की 14वीं प्रदर्शनी (जो 1710 से 1849 तक के सिख राज्य के इतिहास को दर्शाती है) का भी उद्घाटन किया।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि मान सरकार ने नशा, भ्रष्टाचार और गैंगस्टर संस्कृति को खत्म करने का संकल्प लिया है। साथ ही आम आदमी क्लिनिक, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना, स्कूल ऑफ एमिनेंस और योग्यता आधारित नौकरियों के माध्यम से सुशासन की मिसाल कायम की है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उनकी सरकार बंद पड़ी ऐतिहासिक इमारतों की मरम्मत कर उन्हें दोबारा खोलने के लिए प्रतिबद्ध है।
वित्त मंत्री ने देश भर से आए शिल्पकारों सहित थाईलैंड से विशेष रूप से आए शिल्पकारों का भी स्वागत किया। उन्होंने पटियाला वासियों से इस मेले का भरपूर आनंद लेने की अपील की।
मेले के पहले दिन शिल्पकारी वस्तुओं के स्टालों पर दर्शकों की भारी भीड़ रही। उत्तर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र (NZCC) पटियाला द्वारा प्रस्तुत रंगारंग कार्यक्रमों में विभिन्न राज्यों के लोक नृत्यों ने समां बांध दिया। मेले में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान के नर्तक, बीन वादक, बहरूपिये, कच्ची घोड़ी और बाजीगर आकर्षण का केंद्र रहे।
स्वयं सहायता समूहों और शिल्पकारों द्वारा लगाए गए 150 से अधिक स्टालों पर हस्तशिल्प की जमकर खरीदारी हुई। खान-पान के शौकीनों के लिए विभिन्न राज्यों के व्यंजन जैसे गुजराती भोजन, हरियाणवी जलेब, बॉम्बे फूड, राजस्थानी और दक्षिण भारतीय व्यंजन, राजमा-चावल और बिरयानी की खुशबू ने लोगों को आकर्षित किया। बच्चों के लिए झूले और खिलौने भी मुख्य आकर्षण रहे। 2 मार्च तक चलने वाले इस मेले में बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुँचने की संभावना है।
इस अवसर पर एस.पी. पलविंदर सिंह चीमा, एस.डी.एम. राजपुरा नमन मार्कन, एस.डी.एम. समाना रिचा गोयल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।






