नई दिल्ली, 25 अप्रैल 2026: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि देश के कई प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर इस साल दिसंबर तक बाधा रहित (Barrier-less) टोल वसूली की नई प्रणाली लागू कर दी जाएगी। ‘लॉजिस्टिक्स शक्ति समिट एंड अवार्ड्स 2026’ के दूसरे संस्करण को संबोधित करते हुए उन्होंने बुनियादी ढांचे में सुधार और परिवहन लागत को कम करने पर जोर दिया।
नई प्रणाली की मुख्य विशेषताएं:
बिना रुके कटेगा टोल: इस नई तकनीक के तहत वाहन चालकों को टोल प्लाजा पर रुकने की आवश्यकता नहीं होगी। यह प्रणाली पूरी तरह से ऑटोमैटिक होगी।
उन्नत तकनीक का उपयोग: टोल वसूली के लिए ‘नंबर प्लेट पहचान प्रणाली’ (ANPR) और ‘फास्टैग’ जैसे इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों का उपयोग किया जाएगा। हाई-स्पीड कैमरे और सेंसर चलते वाहनों की पहचान कर सीधे खाते से टोल शुल्क काट लेंगे।
नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई: जो लोग टोल नियमों का पालन नहीं करेंगे, उन्हें डिजिटल नोटिस भेजा जाएगा। भुगतान न करने की स्थिति में फास्टैग ब्लॉक किया जा सकता है और वाहन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
परिवहन लागत और अर्थव्यवस्था:
नितिन गडकरी ने कहा कि भारत को विश्व शक्ति बनाने के लिए परिवहन लागत (Logistics Cost) को एक अंक (Single Digit) में लाना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि एक्सप्रेसवे और आर्थिक गलियारों के निर्माण से यह लागत 16% से घटकर लगभग 10% रह गई है। तुलनात्मक रूप से अमेरिका और यूरोप में यह लागत 12% और चीन में 8 से 10% के बीच है।
वैकल्पिक ईंधन पर जोर:
पश्चिम एशिया के हालातों का जिक्र करते हुए गडकरी ने कहा कि भारत अपनी तेल जरूरतों का 87% आयात करता है, जिस पर सालाना लगभग ₹22 लाख करोड़ खर्च होते हैं। इससे न केवल आर्थिक बोझ बढ़ता है बल्कि प्रदूषण भी फैलता है। उन्होंने भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए बायो-फ्यूल (जैव ईंधन) और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के उत्पादन को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।