वोटर सूची सुधार के लिए बीएलए नियुक्त करने की अपील, 15 मई तक सूचियां जमा करवाने के निर्देश
पटियाला, 10 मई 2026 : अतिरिक्त जिला चुनाव अधिकारी सिमरप्रीत कौर ने जिले की सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों के साथ बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) की नियुक्ति संबंधी बैठक की। बैठक के दौरान भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली द्वारा जल्द जारी किए जाने वाले स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) कार्यक्रम के मद्देनजर मतदाता सूचियों के सुधार कार्य को पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से पूरा करने में राजनीतिक दलों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।
सिमरप्रीत कौर ने बताया कि मुख्य चुनाव अधिकारी, पंजाब द्वारा प्री-रिवीजन गतिविधियों के तहत मौजूदा मतदाता सूची का वर्ष 2003 की अंतिम स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन से मिलान, पोलिंग स्टेशनों का रेशनलाइजेशन, खाली पदों की भर्ती तथा बीएलए की नियुक्ति जैसे कार्य प्राथमिकता के आधार पर किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बूथ लेवल एजेंट मतदाता सूची सुधार प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाते हैं। वे बूथ लेवल अधिकारियों के साथ मिलकर ड्राफ्ट रोल में त्रुटियों को दूर करने, मृतक अथवा अन्य स्थानों पर स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं की पहचान करने तथा पात्र मतदाताओं को पंजीकरण के लिए प्रेरित करने में सहयोग कर सकते हैं।
अतिरिक्त जिला चुनाव अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार राजनीतिक दल अपने जिला प्रतिनिधियों के माध्यम से फॉर्म आई-बीएलए और फॉर्म आईडी बीएलए-2 भरकर बीएलए नियुक्त कर सकते हैं। नए संशोधित फॉर्म आईडी बीएलए-2 में बीएलए की फोटो और मोबाइल नंबर देना अनिवार्य किया गया है।
उन्होंने कहा कि पटियाला जिले में कुल 1786 पोलिंग स्टेशन हैं और सभी राजनीतिक दलों से अपील की गई है कि वे प्रत्येक पोलिंग स्टेशन के लिए बीएलए नियुक्त कर उनकी सूचियां 15 मई 2026 तक जिला चुनाव कार्यालय, पटियाला तथा संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों के पास जमा करवाएं।
उन्होंने कहा कि इससे भारत निर्वाचन आयोग के “कोई भी मतदाता पीछे न रहे” अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करने में मदद मिलेगी।
एडीसी ने यह भी बताया कि अब तक केवल आम आदमी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने ही जिला स्तर पर अपने प्रतिनिधियों की नियुक्ति की है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से आगामी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की, ताकि मतदाता सूचियों के सुधार का कार्य पारदर्शी और प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके।