सहकार भारती पंजाब जागरूकता संगोष्ठी में राज्यपाल ने लोगों को किया जागरूक
कृषि और डेयरी क्षेत्र में सहकारिता की अहम भूमिका : पंजाब के राज्यपाल
पटियाला, 17 मई,2026 : पंजाब के राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया ने आज सहकार भारती पंजाब जागरूकता संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए सहकारिता आंदोलन को ग्रामीण विकास और सामाजिक मजबूती का महत्वपूर्ण आधार बताया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि सहकारिता एक बहुत पुरानी और मजबूत संस्था है, जिसकी स्थापना वर्ष 1979 में हुई थी और तब से यह ग्रामीण क्षेत्रों तथा आम लोगों के कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है।
राज्यपाल ने कहा कि सहकारिता की भावना लोगों को आपसी भाईचारे, सहयोग और समर्पण से जोड़ती है। उन्होंने कहा कि “संस्कार से सहकार” का सिद्धांत समाज को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जब समाज में अच्छे संस्कार विकसित होते हैं तो लोग एक-दूसरे की सहायता के लिए आगे आते हैं और इससे सहकारिता की भावना और अधिक मजबूत होती है।
उन्होंने कहा कि सहकारिता क्षेत्र का सबसे बड़ा योगदान कृषि और डेयरी क्षेत्र में है। किसानों को खाद, बीज और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने में सहकारी संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। डेयरी क्षेत्र में भी सहकारिता ने ग्रामीण लोगों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद की है। उन्होंने कहा कि यदि सहकारिता को और मजबूत किया जाए तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिल सकता है।
पंजाबियों की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि पंजाबियों की बहादुरी, समर्पण और मेहनत पूरे देश के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि पंजाब देश का अन्न भंडार है और यहां के किसानों ने देश की खाद्य सुरक्षा में बड़ा योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब के युवा खेलों में भी देश और विदेश में नाम रोशन कर रहे हैं तथा पंजाब में सबसे अधिक खिलाड़ी हैं, जो इस धरती की मेहनत और अनुशासन की पहचान हैं।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी संस्था, समाज या देश की प्रगति के लिए नेतृत्व का ईमानदार होना अत्यंत आवश्यक है। यदि नेतृत्व ईमानदार, निष्ठावान और जनहितैषी होगा तो संस्थाएं मजबूत बनती हैं और लोगों का विश्वास भी बढ़ता है। उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाओं में अच्छे और योग्य व्यक्तियों का चयन किया जाना चाहिए ताकि ये संस्थाएं लोगों के हित में और अधिक प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें।
इस अवसर पर सहकार भारती पंजाब के पदाधिकारियों ने राज्यपाल का स्वागत किया। संगोष्ठी के दौरान सहकारिता क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजसेवी, युवा तथा विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रमुख व्यक्ति उपस्थित रहे।