चंडीगढ़, 20 मई 2026: पंजाब की राजनीति में एक बड़े घटनाक्रम के तहत वरिष्ठ अकाली नेता और पूर्व विधायक मनप्रीत सिंह अयाली ने शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत) की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।
अयाली का यह फैसला नवगठित अकाली गुट के भीतर चल रहे आंतरिक मतभेदों के बीच सामने आया है, जिसे ज्ञानी हरप्रीत सिंह के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। उनके इस्तीफे से पार्टी की पारंपरिक अकाली नेताओं को एकजुट करने की कोशिशों को भी नुकसान पहुंचा है।
अपने भविष्य के राजनीतिक रुख को स्पष्ट करते हुए अयाली ने कहा कि उनका फिलहाल किसी भी बड़े राजनीतिक दल — शिरोमणि अकाली दल (बादल), कांग्रेस, भाजपा या आम आदमी पार्टी — में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है।
बताया जा रहा है कि अयाली ने अपने समर्थकों से कहा, “मैं स्वतंत्र रूप से लोगों की सेवा करता रहूंगा और पंथिक सिद्धांतों तथा पंजाब के हितों के लिए प्रतिबद्ध रहूंगा।”
पंजाब की राजनीति में अयाली का इस्तीफा ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब विभिन्न अकाली गुट अपने राजनीतिक आधार को दोबारा मजबूत करने और संगठन को पुनर्गठित करने में जुटे हुए हैं।





