हैदराबाद (तेलंगाना), 27 जून 2026 : तेलंगाना सरकार ने शनिवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए एक दर्जन से अधिक वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों का तबादला किया और उन्हें विभिन्न प्रमुख विभागों की नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इस फेरबदल का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और सुचारु बनाना बताया गया है।
1997 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एन. श्रीधर को मुख्यमंत्री का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह खान एवं भूविज्ञान विभाग में प्रधान सचिव के पद पर कार्यरत थे।
सरकार ने सव्यसाची घोष को प्रमुख कल्याणकारी एवं विकास योजनाओं तथा कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के साथ-साथ हथकरघा, वस्त्र एवं हस्तशिल्प विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है। वह जनजातीय कल्याण विभाग का कार्यभार भी संभालते रहेंगे।
शैलजा रमैयर को बंदोबस्ती (एंडोमेंट्स) विभाग से स्थानांतरित कर पर्यावरण, वन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का प्रमुख बनाया गया है। उन्हें एंडोमेंट्स विभाग तथा पर्यावरण संरक्षण प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (EPTRI) का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
वहीं अहमद नदीम को पर्यावरण, वन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग से हटाकर सामान्य प्रशासन विभाग में प्रधान सचिव (राजनीतिक) नियुक्त किया गया है। उन्हें अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
फेरबदल के तहत राहुल बोज्जा को आपदा प्रबंधन विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है, जबकि वे पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग का अतिरिक्त कार्यभार भी संभालते रहेंगे। एम. रघुनंदन राव को वाणिज्यिक कर एवं आबकारी विभाग के साथ-साथ खान एवं भूविज्ञान विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।
मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रहे बी. अजित रेड्डी को इन्वेस्ट तेलंगाना का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा एमडी मुशर्रफ अली फारूकी को टीजीआरईडीसीओ (TGREDCO) का उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, जबकि पी. कात्यायनी देवी को हथकरघा, वस्त्र एवं हस्तशिल्प विभाग में विशेष सचिव नियुक्त किया गया है।
अन्य नियुक्तियों में के. गंगाधर को सड़क एवं भवन विभाग में विशेष सचिव, टी. वेंकन्ना को ग्रेटर वारंगल नगर निगम का नगर आयुक्त, के. विद्यासागर को पर्यटन निदेशक तथा प्रजावाणी के राज्य नोडल अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार, जबकि के. चंद्रकला को हैदराबाद महानगर विकास प्राधिकरण (HMDA) में संयुक्त महानगर आयुक्त की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राज्य सरकार का कहना है कि इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल का उद्देश्य विभिन्न रणनीतिक विभागों और सार्वजनिक संस्थानों में प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना तथा सुशासन को और मजबूत करना है।






