कहा, ड्रेनेज एवं अन्य विभागों द्वारा बाढ़ सुरक्षा कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी
जलभराव अथवा पानी संबंधी सूचना फोटो एवं लोकेशन सहित देने के लिए बाढ़ नियंत्रण कक्ष का व्हाट्सएप नंबर जारी होगा
वरिष्ठ अधिकारी करेंगे बाढ़ सुरक्षा कार्यों का औचक निरीक्षण किया जाएगा, किसी भी लापरवाही पर सख्त होगी कार्रवाई
ड्रेनों, नदियों और नालों की सफाई संबंधी कार्यों का ऑडिट कराया जाएगा
पटियाला, 10 जुलाई, 2026: मानसून सीजन के मद्देनज़र जिला प्रशासन पटियाला ने संभावित बाढ़ जैसी किसी भी स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए व्यापक तैयारियों की समीक्षा की। उपायुक्त डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने जिले के संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों के संबंध में ड्रेनेज विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों द्वारा बनाई गई रणनीति का मूल्यांकन किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी विभागों की बाढ़ संबंधी तैयारियों की समीक्षा करते हुए नगर निगम पटियाला, सभी एसडीएम तथा सभी कार्यकारी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में आवश्यक मशीनरी पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाढ़ सुरक्षा कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वयं उनके सहित वरिष्ठ अधिकारी इन कार्यों का औचक निरीक्षण करेंगे तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही का सख्त संज्ञान लिया जाएगा।
डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने ड्रेनेज विभाग की जमीनी स्तर की तैयारियों पर असंतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि बाढ़ सुरक्षा कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। उन्होंने कहा कि ड्रेनों, नदियों और नालों की सफाई संबंधी कार्यों का ऑडिट कराया जाएगा। विभाग ने बताया कि बड़ी नदी की सफाई पूरी कर ली गई है तथा पानी के साथ बहकर आने वाली जलकुंभी एवं अन्य अवरोधों को तुरंत हटाने के लिए विभाग पूरी तरह तैयार है।
ड्रेनेज विभाग के कार्यकारी अभियंता आकाश अग्रवाल ने उपायुक्त को बताया कि बड़ी संख्या में खाली ईसी बैग खरीदे गए हैं तथा आवश्यक संख्या में इन बैगों को पहले ही मिट्टी से भरकर घग्गर सहित अन्य नदियों के संवेदनशील स्थानों पर रखा जा रहा है। इसके अतिरिक्त अतिरिक्त खाली बैग भी रणनीतिक स्थानों के निकट भंडारित किए गए हैं ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत उपयोग किया जा सके।
उपायुक्त ने बताया कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष का एक व्हाट्सएप नंबर जारी किया जाएगा, जिस पर नागरिक अपने क्षेत्र में जलभराव या पानी आने संबंधी किसी भी समस्या की सूचना फोटो, वीडियो एवं लोकेशन सहित साझा कर सकेंगे।
डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशानुसार जिला प्रशासन प्रत्येक स्थिति पर लगातार निगरानी रखेगा तथा मानसून सीजन के दौरान लोगों के जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर विश्वास न करें तथा केवल जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें, क्योंकि जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क एवं तैयार है।
उपायुक्त ने नगर निगम को निर्देश दिए कि इस माह जलभराव वाले हॉटस्पॉट्स की पहचान कर वहां जल निकासी को प्राथमिकता दी जाए तथा सीवरेज की सफाई एवं गाद निकालने का कार्य शीघ्र पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से नौकाओं, रस्सियों, बड़ी टॉर्चों, आपातकालीन खाद्य सामग्री, पशुओं के चारे, तिरपालों, दवाइयों तथा अन्य आवश्यक प्रबंधों की भी समीक्षा की तथा सभी तैयारियां पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने पटियाला बड़ी नदी, समाना-पातड़ां में घग्गर के निकट, बादशाहपुर (राजपुरा) में पच्चीदरा-एसवाईएल, सराला खुर्द (सराला साइफन, घग्गर, घनौर), रोहड़ जागीर, मोहलगढ़ तथा बीबीपुर में किए गए बाढ़ सुरक्षा कार्यों की समीक्षा की तथा ड्रेनेज विभाग द्वारा किए जा रहे प्रमुख संरचनात्मक कार्यों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि शेष कार्य 15 दिनों के भीतर हर हाल में पूरे किए जाएं, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
ड्रेनेज विभाग ने बताया कि गांव बादशाहपुर में घग्गर नदी के कटाव से बचाव के लिए बोल्डर स्टोन से स्टड बनाए गए हैं तथा माड़ू में घग्गर के किनारे पक्की रिवेटमेंट दीवार का निर्माण किया गया है। इसी प्रकार सिरकपड़ा में बेड बार एवं रिवेटमेंट की मरम्मत कराई गई है।
गांव हरचंदपुरा एवं बादशाहपुर में पानी को आबादी एवं खेतों में प्रवेश करने से रोकने के लिए घग्गर नदी के दाहिने तटबंधों को मजबूत किया गया है। इसी प्रकार सराला हेड के निकट गांव सराला कलां तथा नहर की सुरक्षा के लिए घग्गर नदी के तटबंधों को मजबूत करने एवं कटाव रोकने हेतु ईसी बैग लगाए गए हैं।
इसके अतिरिक्त टांगरी नदी के विपरीत प्रवाह से बचाव के लिए गांव रोहड़ जागीर के निकट रोहड़ जागीर ड्रेन तथा गणेशपुर में यांत्रिक गेट लगाए गए हैं तथा टांगरी नदी के प्रवाह को सुव्यवस्थित (चैनलाइजेशन) करने के लिए विभिन्न स्थानों पर आवश्यक कार्य किए गए हैं, ताकि आसपास की सड़कों, गांवों और कृषि भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इस अवसर पर नगर निगम की अतिरिक्त आयुक्त सिमरप्रीत कौर, सभी एसडीएम, डीआरओ दिव्या सिंगला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।






