पटियाला, 10 जुलाई, 2026 : पशुपालन, मछली पालन एवं डेयरी विकास विभाग, पंजाब के मंत्री श्री गुरमीत सिंह खुड्डियां के मार्गदर्शन तथा मछली पालन विभाग, पंजाब के निदेशक एवं वार्डन श्री हरदेव सिंह गिल के निर्देशानुसार 10 जुलाई 2026 को सहायक निदेशक, मछली पालन कार्यालय, पटियाला में राष्ट्रीय मछली पालक दिवस मनाया गया।
सहायक निदेशक मछली पालन, पटियाला श्री गुरजीत सिंह ने बताया कि इस दिवस का महत्व इसलिए है क्योंकि 10 जुलाई 1957 को दो भारतीय वैज्ञानिकों डॉ. हीरा लाल चौधरी और डॉ. के. एच. ऐलकुनी ने मछलियों में इंड्यूस्ड ब्रीडिंग तकनीक की खोज की थी। उनकी स्मृति में प्रत्येक वर्ष यह दिवस मनाया जाता है।
इस अवसर पर पटियाला जिले के मछली पालकों, किसानों तथा मछली विक्रेताओं ने भाग लिया। सहायक निदेशक ने सभी का स्वागत करते हुए राष्ट्रीय मछली पालक दिवस की शुभकामनाएं दीं तथा बताया कि मछली पालन अपनाकर किसान अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मछली तालाबों के बांधों पर सब्जियों की खेती करके भी अतिरिक्त लाभ कमाया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान किसानों ने मछली बीज (फिश सीड) फार्म और मछली बीज उत्पादन की तकनीक संबंधी जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर वरिष्ठ मछली पालन अधिकारी श्रीमती वीरपाल कौर जोड़ा ने विभाग द्वारा दी जा रही तकनीकी एवं वित्तीय सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने पी.एम.एम.एस.वाई. योजना के अंतर्गत बायोफ्लॉक यूनिट, नए तालाबों का निर्माण, मोटरसाइकिल सहित आइस बॉक्स तथा री-सर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम जैसी परियोजनाओं के बारे में बताया। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि इन परियोजनाओं पर सामान्य वर्ग के लिए 40 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति एवं महिलाओं के लिए 60 प्रतिशत वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है, ताकि अधिक से अधिक मछली पालक इन योजनाओं का लाभ उठा सकें। वरिष्ठ मत्स्य पालन अधिकारी श्री राम रतन सिंह ने मछलियों की प्रजनन (ब्रीडिंग) तकनीक के बारे में जानकारी दी। इस दौरान कैबिनेट मंत्री श्री गुरमीत सिंह खुड्डियां द्वारा राष्ट्रीय मछली पालक दिवस के अवसर पर भेजा गया संदेश मछली पालन अधिकारी श्री जगजीत सिंह ने उपस्थित मत्स्य पालकों को पढ़कर सुनाया।






