30 जुलाई,2026 (विशाल गुप्ता): लोकसभा से एंटी-पेपर लीक विधेयक पारित होने के बाद इसे लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केवल नया कानून बना देने से परीक्षा प्रणाली में सुधार नहीं होगा। उनका कहना है कि किसी भी कानून की सफलता उसके प्रभावी और निष्पक्ष क्रियान्वयन पर निर्भर करती है। महाराष्ट्र में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दीपके ने कहा कि यदि कानून लागू करने वाली एजेंसियां गंभीरता से काम नहीं करेंगी, तो पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाना मुश्किल होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कानून बनाने पर अधिक ध्यान दे रही है, जबकि उसके प्रभावी पालन की दिशा में अपेक्षित प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री के सोशल मीडिया वीडियो का जिक्र करते हुए दीपके ने व्यंग्यात्मक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि युवाओं तक पहुंचने के लिए केवल प्रचार पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी समस्याओं का समाधान भी जरूरी है। उनके अनुसार, सरकार को रोजगार, भर्ती प्रक्रिया और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर अधिक ध्यान देना चाहिए। दीपके ने पेपर लीक मामलों की न्यायिक प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में एक मामले की सुनवाई इसलिए टल गई क्योंकि जांच एजेंसी का पक्ष अदालत में प्रस्तुत नहीं हो सका। उनके अनुसार, ऐसी परिस्थितियां यह दर्शाती हैं कि कानून बनने के साथ-साथ उसके प्रभावी क्रियान्वयन की भी उतनी ही आवश्यकता है।
उन्होंने छात्रों से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने की अपील करते हुए कहा कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और चुनाव के समय मतदान के माध्यम से अपनी राय व्यक्त करें। इस बीच, विपक्ष के अन्य नेताओं ने भी परीक्षा प्रणाली में सुधार और युवाओं के मुद्दों पर सरकार को घेरा है, जिससे यह विषय राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना हुआ है।






