घग्गा/पटियाला, 25 अगस्त 2026 (गुरप्रीत सिंह): पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पटियाला जिले के गांव देधना से राज्य के विभिन्न जिलों में स्थापित किए गए 509 से अधिक आधुनिक ‘ग्रामीण खेल मैदानों’ का उद्घाटन किया। इसके साथ ही अब तक युवाओं को समर्पित किए गए खेल मैदानों की कुल संख्या 734 हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल गांवों के युवाओं को विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें ‘नशों से दूर रहने और खेलों से जुड़ने’ का संदेश देगी तथा नशे के खिलाफ सरकार की लड़ाई को और मजबूत करेगी।

घग्गा में एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार इस वर्ष पंजाब भर में 1,744 करोड़ रुपये के खेल बजट के साथ 3,100 ग्रामीण खेल मैदान विकसित कर रही है। इनमें विशेष रूप से इन खेल मैदानों के लिए 1,500 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इसके अलावा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण एवं तैयारी के लिए वित्तीय सहायता देने के साथ-साथ गांवों में 6,000 जिम स्थापित करने का काम भी युद्धस्तर पर जारी है।
पंजाब भर में 3,100 आधुनिक ग्रामीण खेल मैदान विकसित करने की राज्य सरकार की योजना के दूसरे चरण के तहत खेल मैदान युवाओं को समर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने और जमीनी स्तर पर विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पंजाब स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन के लक्ष्य की ओर लगातार आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि पहले चरण में 255 ग्रामीण खेल मैदान समर्पित किए गए थे और आज दूसरे चरण में 509 और ग्रामीण खेल मैदान लोगों को समर्पित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 1,500 करोड़ रुपये के बजट से पंजाब भर में आधुनिक सुविधाओं से लैस 3,100 ग्रामीण खेल मैदान तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दूसरे चरण में समर्पित किए जा रहे 509 ग्रामीण खेल मैदानों में से 43 लुधियाना, 41 मानसा, 36 संगरूर, 34-34 बठिंडा और पटियाला, 33 श्री मुक्तसर साहिब तथा 32 अमृतसर में हैं। बाकी खेल मैदान राज्य के अन्य जिलों के गांवों में स्थापित किए गए हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि ये ग्रामीण खेल मैदान ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान में महत्वपूर्ण योगदान देंगे और युवाओं को नशे से दूर रहकर खेलों से जुड़ने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रतिभाशाली और उभरते खिलाड़ियों के लिए ये मैदान उम्मीद और अवसर की नई किरण बनेंगे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्रामीण खेल मैदानों में वॉलीबॉल, फुटबॉल, क्रिकेट और अन्य लोकप्रिय पारंपरिक खेलों के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। राज्य सरकार बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी विभिन्न खेल एवं मनोरंजक गतिविधियां आयोजित करेगी, ताकि खेल और शारीरिक गतिविधियां हर व्यक्ति के जीवन का अभिन्न हिस्सा बन सकें। उन्होंने कहा कि ये मैदान गांवों में आपसी सद्भावना और एकता के प्रतीक बनेंगे।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यदि किसी बच्चे के पास पढ़ाई के लिए अच्छा स्कूल और शारीरिक विकास के लिए उचित खेल मैदान हो, तो वह बच्चा विश्व स्तर पर अपने गांव, पंजाब और देश का नाम रोशन कर सकता है। उन्होंने कहा कि यह गर्व और संतोष की बात है कि सरकार शिक्षा और खेलों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करा रही है।
उन्होंने बताया कि इन ग्रामीण खेल मैदानों को आधुनिक बुनियादी ढांचे से लैस किया जा रहा है। इनमें रात के समय खेल गतिविधियों के लिए हाई-मास्ट लाइटें, वॉकिंग ट्रैक के साथ फुटलाइटें, मजबूत जालियों की बाड़ और अन्य सुविधाएं शामिल हैं। इसके साथ ही हरे-भरे और स्वस्थ वातावरण को बढ़ावा देने के लिए खेल मैदानों के आसपास पौधे भी लगाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन खेल मैदानों में फुटबॉल गोलपोस्ट, वॉलीबॉल पोल, बच्चों के लिए झूले और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। प्रत्येक गांव में लोकप्रिय खेल के अनुसार खिलाड़ियों को खेल सामग्री मुहैया कराई जा रही है। यदि किसी गांव में क्रिकेट लोकप्रिय है, तो वहां विशेष रूप से क्रिकेट किट के साथ-साथ अन्य लोकप्रिय खेलों का आवश्यक सामान भी उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने वर्ष 2026 को खेलों और खिलाड़ियों के लिए समर्पित किया है। इस वर्ष पंजाब में 3,100 ग्रामीण खेल मैदान तैयार किए जाएंगे। इसके साथ ही 6,000 ग्रामीण जिम भी स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें से 500 जिम का उद्घाटन पहले ही किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ का चौथा सीजन 5 सितंबर से बठिंडा में शुरू होगा, जिसमें अनुमानित तौर पर 10 लाख खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।
उन्होंने आगे कहा कि पंजाब पहली बार हॉकी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी कर रहा है। इसके मुकाबले अक्टूबर-नवंबर के दौरान जालंधर और मोहाली में आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के लोगों को अपनी ही धरती पर अपने हॉकी सितारों को खेलते देखने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने बताया कि पंजाब में आईपीएल की तर्ज पर एक टी-20 क्रिकेट लीग भी आयोजित की जा रही है, जो 30 अगस्त से 13 सितंबर तक पीसीए स्टेडियम, मोहाली में खेली जाएगी।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि खेल पंजाब की गौरवशाली विरासत और समृद्ध संस्कृति का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि 2023 में नई खेल नीति लागू की गई थी, जिसके तहत खेल बजट में वृद्धि की गई है और खिलाड़ियों को प्रशिक्षण एवं तैयारी के लिए नकद पुरस्कार तथा वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।
उन्होंने कहा कि पंजाब के इतिहास में पहली बार खेलों के लिए 1,744 करोड़ रुपये का समर्पित बजट आवंटित किया गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 से अब तक 40,415 खिलाड़ियों को 135 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि खिलाड़ियों को तैयारी के लिए वित्तीय सहायता भी दी जा रही है, जिसमें ओलंपिक की तैयारी के लिए 15 लाख रुपये और एशियाई एवं राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी के लिए 8 लाख रुपये शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि 85 खिलाड़ियों को महाराजा रणजीत सिंह पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है, जबकि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पंजाब का नाम रोशन करने वाले 11 खिलाड़ियों को पीसीएस/डीएसपी अधिकारी नियुक्त किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार के खेल संबंधी प्रयासों का उद्देश्य पंजाब भर में एक मजबूत खेल इकोसिस्टम तैयार करना, जमीनी स्तर पर खेल संस्कृति को मजबूत करना और युवाओं को खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद और डॉ. बलबीर सिंह भी मौजूद रहे।






