Sunday, August 30, 2026
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मेवात कैडर के नवनियुक्त 1054 प्राथमिक शिक्षकों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित

हरियाणा, 30 अगस्त, 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के मेवात क्षेत्र को शिक्षा के क्षेत्र में शनिवार को एक बड़ी सौगात मिली। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने नूंह की अनाज मंडी में आयोजित राज्य स्तरीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम के दौरान मेवात कैडर के 1054 नवनियुक्त प्राथमिक (पी.आर.टी) शिक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि नए शिक्षकों की नियुक्ति से क्षेत्र में शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात में सुधार होगा और प्राथमिक शिक्षा का स्तर और मजबूत होगा।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर हुई। मुख्यमंत्री ने इस दिन को विशेष बताते हुए कहा कि आज भादों महीने की प्रतिपदा है, जन्माष्टमी निकट है और हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के जन्मदिन के अवसर पर राष्ट्रीय खेल दिवस भी मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वीर हसन खां मेवाती की शौर्य भूमि पर इतने बड़े आयोजन का होना मेवात क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।

इस अवसर पर नवनियुक्त शिक्षकों के लिए शिक्षा से संबंधित 22 स्टॉलों की विशाल प्रदर्शनी लगाई गई, जिसका मुख्यमंत्री ने अवलोकन किया। इसके साथ ही शिक्षकों के पेशेवर कौशल को निखारने के लिए बड़ी एलईडी स्क्रीन पर पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से प्रभावी प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किया गया। इस दौरान ‘मुख्यमंत्री मेवात विद्यार्थी प्रतिभा सम्मान योजना’ के तहत सम्मान राशि भी जारी की गई।

इस अवसर पर हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में नई भर्ती को युवाओं की योग्यता की जीत बताते हुए कहा कि पिछली सरकारों में भाई-भतीजावाद, जातिवाद, क्षेत्रवाद और पर्ची-खर्ची के आधार पर नौकरियां मिलती थीं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद बिना पर्ची-बिना खर्ची के 2 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां देकर योग्य युवाओं का आत्मसम्मान लौटाया गया है, जबकि पिछली कांग्रेस सरकार ने अपने 10 साल के कार्यकाल में केवल 86 हजार सरकारी नौकरियां दी थीं। उन्होंने पंजाब में भर्तियों में कथित भ्रष्टाचार को लेकर आम आदमी पार्टी पर भी तीखा हमला बोला।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेवात, जिसे कभी शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा माना जाता था, अब प्रतिभाशाली बच्चों का क्षेत्र बन गया है। रोजगार और शिक्षा को मजबूत करने के साथ मेवात में एक नया शैक्षणिक सूर्योदय हो रहा है।

इसी कड़ी में बोर्ड परीक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 70 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को ‘मुख्यमंत्री मेवात विद्यार्थी प्रतिभा सम्मान योजना’ के तहत 39 लाख 90 हजार रुपये की सम्मान राशि जारी की गई। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष ऐसे विद्यार्थियों की संख्या 40 थी, जो इस बार बढ़कर 70 हो गई है। इसके अलावा ‘मुख्यमंत्री मेवात पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना’ के तहत 1364 विद्यार्थियों को 52 लाख 44 हजार रुपये की छात्रवृत्ति भी जारी की गई।

उन्होंने कहा कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से करीब 26 हजार युवाओं को अनुबंध आधार पर नौकरियां दी गई हैं और कानून बनाकर उन्हें सेवा सुरक्षा भी प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का सपना वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है और इसमें युवा पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इसी सोच के तहत प्रधानमंत्री की पहल पर नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले के 450 स्कूल भवनों की डीपीआर तैयार हो चुकी है और सरकार ने 200 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। इन स्कूलों के सुधार पर कुल 400 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि निपुण हरियाणा के तहत शिक्षकों के प्रशिक्षण के दो चरण पूरे हो चुके हैं और अगले महीने करीब 32 हजार पीआरटी शिक्षकों को प्रशिक्षण देने की योजना है।

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से पांच संकल्प लेने की अपील की

मेवात कैडर के नवनियुक्त शिक्षकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह नियुक्ति उनकी वर्षों की मेहनत और परिवार के त्याग का सुखद परिणाम है। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे अपनी नियुक्ति को कठिन पोस्टिंग नहीं, बल्कि बदलाव की पोस्टिंग के रूप में देखें और जहां अवसर कम दिखाई दें, वहां अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दें।

उन्होंने कहा कि खेलों, कहानियों, चित्रों, गतिविधियों और स्थानीय उदाहरणों के माध्यम से पढ़ाई को रोचक बनाया जाए। बच्चों की मातृभाषा और स्थानीय बोली का सम्मान किया जाए तथा कक्षा में ऐसा माहौल बनाया जाए, जहां सवाल पूछना जिज्ञासा माना जाए, कमजोरी नहीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक शिक्षा का महत्वपूर्ण साधन है और डिजिटल सामग्री सीखने को रोचक बना सकती है, लेकिन मशीन जानकारी दे सकती है, संस्कार नहीं। इसलिए शिक्षक को मानवीय संबंधों को हमेशा केंद्र में रखना चाहिए।

इस अवसर पर उन्होंने शिक्षकों से पांच संकल्प लेने की अपील की—

  1. हर बच्चे को अपना बच्चा मानना।
  2. किसी भी बच्चे को सीखने में पीछे न रहने देना।
  3. समय पर और ईमानदारी से स्कूल जाना।
  4. अभिभावकों और समाज को शिक्षा से जोड़ना।
  5. अपने आचरण के माध्यम से बच्चों को वे बातें सिखाना, जो किताबों से नहीं सिखाई जा सकतीं।

नई शिक्षा नीति भारत को विश्वगुरु बनाने का दस्तावेज : शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा

इस दौरान शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज मेवात क्षेत्र को बड़ी सौगात दी है। उन्होंने नवनियुक्त पीआरटी शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि आज यह धरती नए संकल्पों की ऊर्जा से रोशन हो रही है।

उन्होंने कहा कि प्राथमिक शिक्षा किसी भी बच्चे की नींव होती है। यदि नींव मजबूत होगी तो भविष्य भी मजबूत होगा। आप सभी बच्चों की मजबूत नींव तैयार करने वाले गुरुजन हैं। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति भारत को विश्वगुरु बनाने का दस्तावेज है। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वे नौकरी करने नहीं, बल्कि बदलाव के वाहक बनकर आए हैं। बच्चों को शिक्षित करना केवल नौकरी नहीं, बल्कि एक पवित्र राष्ट्रीय सेवा है।

इस दौरान विधायक श्री तेजपाल तंवर, श्री मोहम्मद इलियास, श्री मोहम्मद इसराइल, जिला परिषद के चेयरमैन श्री जान मोहम्मद, वक्फ बोर्ड के प्रशासक श्री जाकिर हुसैन, ओएसडी राज नेहरू, कमिश्नर एवं सचिव शिक्षा विभाग श्री विजय सिंह दहिया सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

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