चंडीगढ़/हरियाणा, 31 अगस्त,2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि विमुक्त और घुमंतू समाज का इतिहास बहुत पुराना, गौरवशाली और प्रेरणादायक है। कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी इस समाज के लोगों ने अपनी अथक मेहनत, समृद्ध कला, अनूठी संस्कृति और स्वाभिमान को हमेशा जीवित रखा है।
जब भी हम भारत के इतिहास और इसके स्वर्णिम अतीत की ओर देखते हैं, तो विमुक्त और घुमंतू समाज के वीरों तथा महापुरुषों का योगदान स्वर्ण अक्षरों में चमकता दिखाई देता है। भाई माखन शाह लुबाणा जी, जिन्होंने सच्चे गुरु की पहचान करवाकर पूरी दुनिया को सही मार्ग दिखाया। भाई लखी शाह वंजारा जी और भाई निगाहिया जी, जिन्होंने श्री गुरु तेग बहादुर जी के पावन शरीर का अपने घर में अंतिम संस्कार कर अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया। योद्धा भाई जैता जी, जो चांदनी चौक से गुरु साहिब का पावन शीश आनंदपुर साहिब लेकर पहुंचे और ‘गुरु का बेटा’ कहलाए।
मुख्यमंत्री रविवार को चंडीगढ़ स्थित अपने निवास संत कबीर कुटीर में आयोजित हरियाणा और पंजाब की समस्त घुमंतू जातियों के प्रतिनिधिमंडल को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिकलीगर और वंजारा समाज के कुशल वीरों ने मुगलों के खिलाफ युद्ध में अचूक अस्त्र-शस्त्र बनाकर खालसा सेना को ताकत प्रदान की। भामाशाह और वंजारा समाज के नायकों ने महाराणा प्रताप के स्वाभिमान के संघर्ष में रसद एवं सामग्री पहुंचाकर देश की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। ये सभी हमारे राष्ट्र के वास्तविक नायक हैं।

उन्होंने कहा कि वीरता आपको अपने पूर्वजों से विरासत में मिली है। इसी राष्ट्रभक्ति के बल पर आपने स्वतंत्रता आंदोलन में अंग्रेजी हुकूमत की नाक में दम कर दिया था। इससे बौखलाकर अंग्रेजों ने वर्ष 1871 में ‘क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट’ नामक काला कानून बनाकर देशभक्त समाज को जन्मजात अपराधी घोषित करने का घृणित पाप किया।
आजादी के बाद 31 अगस्त 1952 को यह कलंक हमेशा के लिए मिटा और इसी कारण इस ऐतिहासिक दिन को हम ‘विमुक्ति दिवस’ के रूप में मनाते हैं।
उन्होंने कहा कि केवल विमुक्ति दिवस मनाने से काम नहीं चलेगा। समाज को वह सब मिलना चाहिए जो अंग्रेजों ने उनसे छीन लिया था। आजादी के बाद लंबे समय तक शासन करने वाली सरकारों ने इस समाज की सुध नहीं ली और उन्हें बुनियादी अधिकारों से वंचित रखा।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश की बागडोर संभाली तो ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ का मूलमंत्र दिया। हमारी डबल इंजन सरकार इसी भावना के साथ गरीब कल्याण के कार्य कर रही है। पीएम आवास योजना के तहत हरियाणा में 1.60 लाख परिवारों को पक्के मकान दिए गए हैं। करनाल, पलवल और रोहतक में 702 घुमंतू परिवारों को प्लॉट आवंटित किए गए हैं, जो उनके सुरक्षित भविष्य की नींव हैं।
उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर आवास नवीनीकरण योजना के तहत मकान मरम्मत सहायता राशि 30,000 रुपये से बढ़ाकर 80,000 रुपये की गई है, जिससे 85,815 परिवारों को 416 करोड़ रुपये की सहायता मिली है।

उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों को केवल 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाया जा रहा है, जिससे 15 लाख से अधिक बहनों को लाभ मिला है।
मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत बेटियों के विवाह के लिए 3.85 लाख परिवारों को 1,523 करोड़ रुपये की शगुन राशि दी गई है।
मुख्यमंत्री ने घुमंतू समाज के प्रतिनिधियों से अपील की कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन हों, वे अपने बच्चों को जरूर पढ़ाएं। शिक्षा ही वह शक्ति है जो आने वाली पीढ़ियों की किस्मत बदल सकती है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 12वीं कक्षा तक मुफ्त किताबें, वर्दी और स्टेशनरी, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग तथा डॉ. अंबेडकर मेधावी छात्रवृत्ति योजना के तहत 8,000 से 12,000 रुपये तक की छात्रवृत्ति राशि प्रदान कर रही है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे खूब पढ़ें, कौशल सीखें, खेलों में आगे बढ़ें और नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रहकर अपने माता-पिता के सपनों को पूरा करें। उन्होंने प्रतिनिधियों से कहा कि वे सरकार की इन योजनाओं की जानकारी घर-घर तक पहुंचाएं, ताकि समाज का प्रत्येक व्यक्ति सशक्त और सक्षम बन सके।
इस अवसर पर राजिंदर सिंह देसुझोधा, राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय डीएनटी कल्याण संगठन, सतनाम सिंह संधू, हरियाणा के चेयरमैन तथा हरियाणा घुमंतू जाति विकास बोर्ड के चेयरमैन सरदार जस्मेर सिंह वंजारा, पूर्व विधायक लक्ष्मण नापा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।






