बठिंडा, 5 सितंबर, 2026 (अमनदीप सभरवाल): पंजाब में धान की फसल के लिए पर्याप्त बिजली आपूर्ति की मांग को लेकर किसानों के विरोध प्रदर्शनों के बीच बठिंडा के लहरा मोहब्बत स्थित गुरु हरगोबिंद थर्मल प्लांट से राहत की खबर सामने आई है। प्लांट की चार में से तीन यूनिटें अब चालू हो गई हैं, जिससे इसकी बिजली उत्पादन क्षमता बढ़कर करीब 620 मेगावाट हो गई है।
बताया जा रहा है कि क्षेत्र के किसान पिछले करीब एक सप्ताह से पर्याप्त बिजली आपूर्ति नहीं मिलने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। किसानों का कहना था कि ट्यूबवेल चलाने के लिए उन्हें महज 3 से 4 घंटे बिजली मिल रही है, जिसके कारण धान की फसल की सिंचाई करना मुश्किल हो रहा है।
920 मेगावाट की कुल क्षमता वाले इस थर्मल प्लांट में कुछ समय पहले केवल एक यूनिट ही काम कर रही थी। बाकी तीन यूनिटें करीब तीन सप्ताह से बंद थीं। शुक्रवार को एक और यूनिट को भी चालू कर दिया गया, जिससे बिजली उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
प्लांट में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों की हड़ताल को यूनिटों के संचालन में बाधा का एक प्रमुख कारण माना जा रहा था। ये कर्मचारी ठेकेदारों के माध्यम से नियुक्त किए जाने के बजाय पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पी.एस.पी.सी.एल.) के साथ सीधे रोजगार देने की मांग कर रहे हैं। तीन यूनिटों के दोबारा संचालन में आने के बाद राज्य में बिजली आपूर्ति पर बना दबाव कुछ कम होने की उम्मीद है। खासकर धान की फसल के सिंचाई सीजन में इससे किसानों को राहत मिलने की संभावना है।
प्लांट से जुड़े सूत्रों के अनुसार अब चौथी यूनिट को भी जल्द बहाल करने पर ध्यान दिया जा रहा है। इसके चालू होने से थर्मल प्लांट अपनी अधिकतम उत्पादन क्षमता के और करीब पहुंच सकेगा तथा राज्य की बिजली व्यवस्था पर पड़ रहा दबाव और कम किया जा सकेगा।






