संगरूर, 9 सितंबर,2026 (गुरप्रीत सिंह): माननीय श्री जस्टिस पंकज जैन, जज, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट, चंडीगढ़ तथा संगरूर सेशन डिवीजन के प्रशासनिक जज ने 9 सितंबर को जिला अदालत परिसर, संगरूर का दौरा किया और न्यायिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने तथा वकीलों, अदालत के कर्मचारियों एवं मुकदमेबाजों के लिए सुविधाओं में सुधार के उद्देश्य से कई नई सुविधाओं का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर श्री मुनीश सिंगल, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, संगरूर; श्री एस.एस. ढींढसा, अध्यक्ष, बार एसोसिएशन, संगरूर; श्री जी.एस. ग्रेवाल, सदस्य, बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा तथा बार के अन्य वरिष्ठ सदस्यों ने माननीय श्री जस्टिस पंकज जैन का गर्मजोशी से स्वागत किया।
जिला अदालत परिसर, संगरूर में स्थापित क्रेच सुविधा, जिसका नाम ‘मदर्स टच’ रखा गया है, की कल्पना माननीय श्रीमती जस्टिस अलका सरीन, जज, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने संगरूर सेशन डिवीजन के प्रशासनिक जज के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान की थी।
इस सुविधा का उद्घाटन माननीय श्री जस्टिस पंकज जैन, जज, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा किया गया। क्रेच की स्थापना कामकाजी माता-पिता के बच्चों के लिए सुरक्षित, संरक्षित और बच्चों के अनुकूल वातावरण उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से की गई है। इस पहल से कामकाजी माता-पिता को आवश्यक सहयोग मिलने तथा अदालत परिसर के भीतर अधिक समावेशी और परिवार-अनुकूल वातावरण बनाने में योगदान की उम्मीद है।

माननीय जस्टिस पंकज जैन ने विस्तारित बार रूम का भी उद्घाटन किया, जो बार के सदस्यों के लिए अतिरिक्त स्थान और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाएगा। इस विस्तार का उद्देश्य वकीलों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करना तथा उन्हें अदालत परिसर के भीतर अधिक आरामदायक और अनुकूल कार्य वातावरण प्रदान करना है।
इसके अलावा, माननीय श्री जस्टिस पंकज जैन ने जिला अदालत परिसर, संगरूर में नवनिर्मित छह यूटिलिटी दुकानों का भी उद्घाटन किया। इन सुविधा दुकानों की स्थापना वकीलों, मुकदमेबाजों, अदालत के कर्मचारियों और अदालतों में आने वाले अन्य लोगों को आवश्यक सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए की गई है।
दौरे के दौरान माननीय जस्टिस पंकज जैन ने अदालत परिसर के कामकाज और बुनियादी ढांचे की समीक्षा भी की तथा न्यायिक बुनियादी ढांचे और सुविधाओं में निरंतर सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि एक कुशल, सुलभ और मुकदमेबाजों के अनुकूल वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।






