चंडीगढ़, 11 सितंबर 2026, (गुरमीत सिंह तुंग): पंजाब पुलिस की ओर से लोगों से जुड़ी पुलिस शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित, समयबद्ध और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। मौजूदा पब्लिक ग्रीवेंस पोर्टल के माध्यम से नागरिक ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने के साथ-साथ अपनी शिकायत की स्थिति भी ट्रैक कर सकते हैं। आधिकारिक व्यवस्था में शिकायतों की निगरानी और समय पर निपटारे के लिए सुपरवाइजरी डैशबोर्ड की भी व्यवस्था है।
इस प्रणाली का मुख्य उद्देश्य यह है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद नागरिक को यह जानकारी मिल सके कि उसकी शिकायत कहां पहुंची है, किस स्तर पर विचाराधीन है और उस पर क्या कार्रवाई की जा रही है। इससे शिकायतों के निपटारे में होने वाली अनावश्यक देरी और बार-बार पुलिस कार्यालयों के चक्कर लगाने की समस्या को कम करने का प्रयास किया जा रहा है।
पंजाब पुलिस की पब्लिक ग्रीवेंस डिवीजन को आधिकारिक तौर पर एक 360-डिग्री ग्रीवेंस सॉल्यूशन के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इसमें शिकायतों की ट्रैकिंग, गुणवत्ता संबंधी रिपोर्टिंग और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निगरानी के लिए डैशबोर्ड की व्यवस्था है। यह प्रणाली एक ही मामले से संबंधित बार-बार की गई शिकायतों को जोड़ने की क्षमता भी रखती है, ताकि एक ही मामले की कई अलग-अलग जांचों से बचा जा सके।
इसके अलावा, पंजाब पुलिस की सांझ ऑनलाइन सेवा के माध्यम से भी नागरिक पुलिस से संबंधित विभिन्न सेवाओं तक पहुंच बना सकते हैं तथा शिकायत दर्ज कराने के बाद उसकी स्थिति देख सकते हैं।
45 दिनों की समय-सीमा पहले भी रही चर्चा में
पंजाब पुलिस की शिकायत प्रणाली में समयबद्ध निपटारा कोई बिल्कुल नया विचार नहीं है। अगस्त 2023 में पंजाब पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया था कि पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों को जल्द से जल्द हल करने के साथ-साथ अधिकतम 45 दिनों के भीतर निपटाने का प्रयास किया जा रहा था।
अब वास्तविक चुनौती केवल ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक शिकायत पर निर्धारित समय के भीतर कार्रवाई हो और शिकायतकर्ता को कार्रवाई की स्पष्ट जानकारी भी मिले।
सिर्फ पोर्टल नहीं, जवाबदेही भी जरूरी
पुलिस शिकायत प्रणाली की सफलता का वास्तविक पैमाना यह होगा कि शिकायतकर्ता को “शिकायत दर्ज हो गई” का संदेश मिलने के बाद आगे क्या मिलता है—क्या जांच अधिकारी निर्धारित होता है, क्या कार्रवाई की समय-सीमा तय होती है, क्या देरी होने पर मामला स्वतः वरिष्ठ अधिकारी की निगरानी में आता है और क्या अंतिम निर्णय के बारे में शिकायतकर्ता को स्पष्ट रूप से सूचित किया जाता है।
पंजाब में पुलिस के प्रति लोगों का भरोसा केवल तेज FIR या आपातकालीन प्रतिक्रिया से नहीं, बल्कि शिकायतों के निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध निपटारे से भी जुड़ा हुआ है। इसलिए ग्रीवेंस मैनेजमेंट सिस्टम को तकनीक से आगे ले जाकर जमीनी स्तर पर जवाबदेही से जोड़ना महत्वपूर्ण होगा।
देखना है कि क्या डिजिटल ट्रैकिंग, समयबद्ध कार्रवाई और वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी से आम नागरिक को पुलिस शिकायत के निपटारे के लिए लंबी प्रतीक्षा और कार्यालयों के चक्कर लगाने से वास्तविक राहत मिल पाएगी?






