पटियाला, 13 सितंबर, 2026 (छत्रपाल सिंह): आज पंजाबी साहित्य सभा (रजि.) पटियाला द्वारा भाषा विभाग, पंजाब, पटियाला में एक विशेष स्मृति साहित्यिक समारोह आयोजित किया गया। समारोह के अध्यक्षमंडल में सभा के अध्यक्ष डॉ. दर्शन सिंह ‘आश्ट’ के अलावा प्रसिद्ध पत्रकार एवं साहित्यकार सुखविंदर सिंह फूल, भाषा विभाग, पंजाब के पूर्व निदेशक गुरशरण कौर, गुरप्रीत कौर, प्रविंदर कौर सडाना, हरमीत सिंह अटवाल (जालंधर) और रणजीत आज़ाद कांझला आदि शामिल हुए।
समारोह के आरंभ में सभा के अध्यक्ष डॉ. दर्शन सिंह आश्ट ने उपस्थित लेखकों और श्रोताओं का स्वागत करते हुए कहा कि पंजाबी साहित्य सभा पटियाला अपने प्रसिद्ध साहित्यिक नायकों की स्मृति में हर वर्ष पुरस्कार प्रदान करने की परंपरा को जीवंत बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि भविष्य में पंजाबी मातृभाषा के विकास के लिए कार्य करने वाले साहित्यकारों को मान-सम्मान देने की इस परंपरा में और अधिक महत्वपूर्ण योगदान जोड़ा जाएगा।
गुरशरण कौर ने कहा कि दशकों से निःस्वार्थ सेवा कर रही पंजाबी साहित्य सभा पटियाला के साथ उनका जुड़ाव उन दिनों से है, जब वह भाषा विभाग में कार्यरत थीं। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस सभा के निरंतर विकास को अपनी आंखों के सामने देखा है।
सुखविंदर सिंह फूल ने कहा कि साहित्य और पत्रकारिता का आपस में गहरा संबंध है। ये दोनों क्षेत्र मिलकर एक संतुलित समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रविंदर कौर सडाना ने कहा कि उनके पिता अव्वल सरहदी की साहित्यिक सेवाओं के कारण आज उनका सिर गर्व से और भी ऊंचा हुआ है।
वर्ष 2026 के लिए दूसरे ‘अव्वल सरहदी स्मृति मिनी कहानी साहित्यिक पुरस्कार’ से प्रसिद्ध मिनी कहानी लेखक मोहन शर्मा (संगरूर) को सम्मानित किया गया। उन्हें सम्मान पत्र, शॉल और 5,100 रुपये की नकद राशि भेंट की गई। उनके संबंध में सम्मान पत्र प्रसिद्ध हॉलीवुड, पॉलीवुड और बॉलीवुड फिल्म निर्देशक अंगद सडाना ने पढ़ा। इसके बाद रणजीत आज़ाद कांझला (धूरी) ने मोहन शर्मा की मिनी कहानियों पर विशेष चर्चा की।
मोहन शर्मा ने कहा कि इस सम्मान से साहित्य और समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है। इससे पहले अव्वल सरहदी के जीवन और रचना के संबंध में कर्मवीर सिंह सूरी द्वारा लिखित शोध-पत्र स्कूल ऑफ एमिनेंस, फीलखाना, पटियाला की शिक्षिका मनप्रीत कौर ने पढ़ा।
इस अवसर पर बाबू सिंह रैहल, सभा के महासचिव दविंदर पटियालवी, बलवीर सिंह दिलदार, दविंदर सिंह और रुशनीत कौर ने भी मिनी कहानी तथा कहानीकारों के संबंध में विशेष चर्चा की। समारोह में विशेष रूप से आमंत्रित मिनी कहानी लेखिका सीमा वर्मा (लुधियाना) और डॉ. गुरविंदर अमन (राजपुरा) ने अपनी मिनी कहानियां प्रस्तुत कीं।
समारोह के दूसरे हिस्से में प्रसिद्ध मिनी कहानी लेखक अमृतबीर सिंह गुलाटी, पूर्व डीएसपी नाहर सिंह, हरपाल सिंह मान, सतीश विद्रोही, चरण पुआधी, इंजीनियर सतनाम सिंह मट्टू, जग्गा रंगूवाल, कुलदीप पटियालवी, बचन सिंह गुरम, बजिंदर ठाकुर और रघवीर सिंह मंडोली आदि ने विभिन्न रचनाएं प्रस्तुत कीं। इन रचनाओं पर साहित्यिक चर्चा भी की गई।
इस दौरान प्रसिद्ध पत्रकार धर्मिंदर सिंह सिद्धू, डॉ. राकेश शर्मा मालेरकोटला, अंग्रेज सिंह विक्की बठिंडा, अमरजीत सिंह हरपालपुर, हरिंदर सिंह खैरपुर, राजेश्वर कुमार, राजेश कोटिया, सुरजीत सिंह, मुकेश, हरजिंदर कौर ढींडसा, गुरशरण कौर, दीवांशु वर्मा, नवनीत, राजिंदर कौर, रविंदर रवि लुधियाना, दर्शन सिंह, राजिंदर कुमार और जसविंदरपाल कौर आदि भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर विशेष व्यक्तित्वों को सम्मानित भी किया गया। मंच संचालन दविंदर पटियालवी ने बखूबी किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन कहानीकार बाबू सिंह रैहल ने किया।
अंत में पंजाबी मातृभाषा से प्रेम करने वाली इंदरजीत कौर हैरी, डॉ. विद्वान सिंह सोनी, सुखदीप सिंह मुल्तानी और प्रतिभाशाली बीबा अर्शदीप कौर के निधन पर शोक व्यक्त किया गया तथा दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए दो मिनट का मौन धारण किया गया।






