सुनाम ऊधम सिंह वाला, 14 सितंबर, 2026 (चौधरी प्रभजीत सिंह): कर्मचारी संगठनों द्वारा अपनी विभिन्न मांगों और समस्याओं को लेकर पंजाब के कैबिनेट मंत्री एवं आम आदमी पार्टी पंजाब के अध्यक्ष श्री अमन अरोड़ा के निवास के बाहर दिए जा रहे धरने के दौरान उस समय एक नया और सुखद माहौल बन गया, जब श्री अमन अरोड़ा स्वयं धरना स्थल पर पहुंचे और कर्मचारियों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया।
इस मौके पर सबसे खास बात यह रही कि धरने को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के तहत पानी की बौछार करने वाली गाड़ियां और बैरिकेडिंग की व्यवस्था मौजूद होने के बावजूद श्री अमन अरोड़ा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “कोई बैरिकेडिंग नहीं लगानी है और पानी की बौछार करने वाली गाड़ी का इस्तेमाल नहीं करना है। ये सभी मेरे भाई हैं। मैं खुद इनके साथ बैठकर बात करूंगा और समस्या का समाधान करने का प्रयास करूंगा।”
मंत्री के इस रवैये से धरना स्थल पर मौजूद कर्मचारियों में भी सकारात्मक भावना देखने को मिली। श्री अमन अरोड़ा ने धरने पर बैठे कर्मचारियों की मांगों और समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और कहा कि उनके द्वारा उठाए गए जायज मुद्दों पर सरकार के स्तर पर पूरी गंभीरता से विचार किया जाएगा।
इसके बाद कर्मचारी संगठनों का एक प्रतिनिधिमंडल श्री अमन अरोड़ा के साथ विस्तृत बातचीत के लिए अंदर गया। बैठक के दौरान कर्मचारियों से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बातचीत का माहौल सौहार्दपूर्ण और रचनात्मक रहा तथा दोनों पक्षों की ओर से समस्याओं का समाधान बातचीत और आपसी सहयोग के माध्यम से निकालने पर जोर दिया गया।
बैठक के बाद कर्मचारी संगठनों द्वारा धरना उठा लिया गया। कर्मचारी नेताओं ने मंत्री श्री अमन अरोड़ा द्वारा स्वयं धरना स्थल पर पहुंचकर बातचीत करने और उनकी मांगों को सुनने की पहल को सकारात्मक कदम बताया।
इस मौके पर मौजूद पुलिस कर्मचारियों द्वारा भी मंत्री के इस रवैये की सराहना की गई। पुलिस से जुड़े कुछ लोगों ने कहा कि मंत्री द्वारा स्वयं आगे आकर धरनाकारियों से बातचीत करना एक अच्छी पहल थी, जिससे स्थिति को सौहार्दपूर्ण ढंग से संभालने में मदद मिली और किसी भी प्रकार के तनाव की संभावना को टाला जा सका।

धरना स्थल पर मौजूद आम लोगों ने भी श्री अमन अरोड़ा की इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि सार्वजनिक मुद्दों को टकराव के बजाय बातचीत के माध्यम से हल करने की परंपरा राजनीतिक और सामाजिक माहौल को और अधिक सुखद बनाने में सहायक हो सकती है।
लोगों का कहना था कि एक मंत्री द्वारा अपने ही धरने पर बैठे कर्मचारियों को विरोधी पक्ष के रूप में न देखकर “अपने भाई” कहते हुए उनके पास स्वयं जाना और बैठकर उनकी समस्या सुनना लोकतंत्र में सीधे संवाद की एक अच्छी मिसाल है। उन्होंने कहा कि ऐसी पहल से राजनीतिक क्षेत्र में भी आपसी सम्मान और सौहार्दपूर्ण माहौल को बढ़ावा मिल सकता है।
इस दौरान श्री अमन अरोड़ा की ओर से धरने पर बैठे कर्मचारियों के लिए ठंडे पानी की छबील और चाय का लंगर भी लगाया गया। इस पहल ने धरने के दौरान आपसी सम्मान, सद्भावना और भाईचारे की भावना को और मजबूत किया।
श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना प्रत्येक नागरिक और कर्मचारी का अधिकार है। उन्होंने कहा कि हर समस्या का समाधान बातचीत, सहयोग और आपसी विश्वास के माध्यम से निकाला जा सकता है। कर्मचारी पंजाब सरकार और राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं और उनसे संबंधित मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
श्री अमन अरोड़ा द्वारा स्वयं धरना स्थल पर पहुंचकर कर्मचारियों से बातचीत करने, बैरिकेडिंग और पानी की बौछारों के बजाय संवाद को प्राथमिकता देने तथा बाद में प्रतिनिधिमंडल के साथ विस्तृत बैठक करने की पहल को बातचीत के माध्यम से समस्याओं के समाधान और राजनीतिक सद्भावना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।






