पणजी, 14 सितंबर, 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): आम आदमी पार्टी और गोवा फॉरवर्ड पार्टी ने 2027 के गोवा विधानसभा चुनाव के लिए प्री-पोल गठबंधन का ऐलान किया है। इस गठबंधन का नाम ‘गोवा फर्स्ट’ रखा गया है। दोनों पार्टियों ने इसे भाजपा और कांग्रेस के अलावा मतदाताओं के लिए एक नए राजनीतिक विकल्प के रूप में पेश किया है।
आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पणजी में गठबंधन की घोषणा करते हुए कहा कि ‘गोवा फर्स्ट’ का लक्ष्य 2027 का चुनाव जीतकर सरकार बनाना है। उन्होंने भाजपा और कांग्रेस दोनों पर राजनीतिक अवसरवाद का आरोप लगाते हुए मतदाताओं को नया विकल्प देने की बात कही।
जी एफ़ पी के साथ गठबंधन क्यों अहम: जीएफपी की अगुवाई विजय सरदेसाई कर रहे हैं और पार्टी की गोवा में क्षेत्रीय पकड़ मानी जाती है। 2022 के विधानसभा चुनाव में जी एफ पी ने एक सीट, जबकि आप ने दो सीटें जीती थीं। दोनों पार्टियों का साथ आना अपने-अपने वोट आधार को जोड़ने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
कांग्रेस के लिए चुनौती: इस गठबंधन का राजनीतिक असर कांग्रेस पर भी पड़ सकता है। जी एफ़ पी पहले कांग्रेस के साथ गठबंधन में रह चुकी है, लेकिन अब आप के साथ जाने के फैसले से गोवा में भाजपा विरोधी वोटों को एकजुट करने की कांग्रेस की रणनीति को चुनौती मिल सकती है। इसी बीच कांग्रेस ने रिवोल्यूशनरी गोअन्स पार्टी के साथ 2027 के चुनाव के लिए सैद्धांतिक रूप से समझौता किया है।
भाजपा के लिए भी नई चुनौती
2022 के चुनाव में भाजपा ने 40 में से 20 सीटें जीती थीं। इसके बाद कांग्रेस के आठ विधायक भाजपा में शामिल हो गए थे। अब आप -जी एफ़ पी गठबंधन का मुख्य उद्देश्य गैर-भाजपा वोटों को अपने पक्ष में लामबंद करना और सत्तारूढ़ पार्टी को चुनौती देना है।
बहुकोणीय मुकाबला और दिलचस्प होने के आसार
‘गोवा फर्स्ट’ गठबंधन के साथ 2027 का गोवा विधानसभा चुनाव और अधिक बहुकोणीय एवं प्रतिस्पर्धी हो सकता है। आप अपनी राष्ट्रीय राजनीतिक पहुंच, जबकि जी एफ़ पी अपनी क्षेत्रीय पकड़ को एक साथ लाने की कोशिश करेगी। हालांकि सीटों के बंटवारे और जमीनी चुनावी रणनीति को लेकर विस्तृत जानकारी अभी सामने आनी बाकी है।






