तरनतारन, 16 सितंबर, 2026 (शहीद-ए-आज़म ब्यूरो): कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान तरनतारन नगर परिषद में सामने आए कथित करोड़ों रुपये के घोटाले के मामले में बड़ी विभागीय कार्रवाई की गई है। इस आधिकारिक कार्रवाई के तहत, संबंधित कर्मचारियों की पांच वेतन वृद्धियां (इंक्रीमेंट) रोकने के आदेश जारी किए गए हैं।
इस मामले में नगर परिषद के कामकाज, वित्तीय प्रबंधन और कथित अनियमितताओं से जुड़े पहलुओं की जांच की गई। जांच के बाद, जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया के तहत संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है।
पांच इंक्रीमेंट रोके जाने का सीधा असर संबंधित कर्मचारियों की भविष्य की सैलरी बढ़ोतरी पर पड़ेगा। इस तरह की विभागीय कार्रवाई सरकारी सेवा नियमों के तहत की जाती है, और नियमों के अनुसार इससे सेवा से जुड़े अन्य लाभ भी प्रभावित हो सकते हैं।
इस मामले को नगर परिषद के कामकाज में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जोड़ा जा रहा है। हालाँकि, घोटाले के आरोपों और व्यक्तिगत जवाबदेही के बारे में पक्के तौर पर तभी पता चल पाएगा जब संबंधित जांच और कानूनी कार्यवाही का नतीजा सामने आएगा। नगर समिति से जुड़े आधिकारिक आदेश और प्रशासनिक जानकारी तरनतारन ज़िला प्रशासन की वेबसाइट पर भी उपलब्ध हैं। यह कार्रवाई सरकारी विभागों में वित्तीय पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमों के पालन को लेकर प्रशासन के रुख को दर्शाती है।






