वाशिंगटन डी.सी, 17 सितंबर, 2026 (जगजीत सिंह) : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत सरकार द्वारा अवैध अफीम की खेती पर रोक लगाने और सप्लाई चेन की निगरानी मजबूत करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की है। हालांकि, वर्ष 2027 के लिए अमेरिका द्वारा जारी की गई सूची में भारत को उन देशों में शामिल किया गया है जिन्हें अवैध मादक पदार्थों के उत्पादन या ट्रांजिट से जोड़ा जाता है।
अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा जारी बयान में ट्रम्प ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार द्वारा अवैध अफीम पोस्त की खेती से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयासों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका-भारत ड्रग पॉलिसी फ्रेमवर्क के माध्यम से दोनों देश इस क्षेत्र में सहयोग जारी रखेंगे। 2027 की अमेरिकी सूची में भारत के अलावा अफगानिस्तान, पाकिस्तान, चीन, मैक्सिको, कोलंबिया और वेनेजुएला सहित 20 से अधिक देश शामिल हैं।
अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस सूची में किसी देश का नाम आना अपने आप में यह नहीं दर्शाता कि वहां की सरकार नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रही है। अमेरिकी पक्ष के अनुसार, देशों को इस सूची में उनकी भौगोलिक स्थिति, व्यापारिक गतिविधियों और कृषि से जुड़ी वास्तविकताओं के आधार पर शामिल किया जाता है, क्योंकि ये कारक किसी देश को मादक पदार्थों के उत्पादन या अंतरराष्ट्रीय ट्रांजिट के लिए प्रभावित कर सकते हैं।
इस दौरान ट्रम्प ने अमेरिका में नशीले पदार्थों की तस्करी और नारको-टेरर नेटवर्क के खिलाफ अपनी सरकार की कार्रवाई पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका की दक्षिणी सीमा पर मादक पदार्थों की रोकथाम और सख्त सीमा निगरानी के बाद जब्त की गई नशीले पदार्थों की खेप में भारी कमी आई है। ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि अमेरिका में ओवरडोज के कारण होने वाली मौतों में महत्वपूर्ण कमी दर्ज की गई है। उन्होंने इसे अपनी सरकार की नशा विरोधी नीति से जोड़ते हुए कहा कि इन प्रयासों से बड़ी संख्या में लोगों की जान बचाने में मदद मिली है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई, बड़ी मात्रा में मादक पदार्थों की बरामदगी और अन्य देशों द्वारा प्रमुख कार्टेल नेताओं के प्रत्यर्पण को भी अपनी सरकार की उपलब्धियों के रूप में गिनाया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी एजेंसियों और सहयोगी देशों की संयुक्त कार्रवाई के जरिए ड्रग नेटवर्क पर दबाव बढ़ाया जा रहा है। इस तरह भारत को अमेरिकी सूची में शामिल किए जाने के बावजूद, वाशिंगटन द्वारा अवैध अफीम की खेती के खिलाफ भारत सरकार के प्रयासों की सार्वजनिक रूप से सराहना की गई है।






