चंडीगढ़, 19 सितंबर 2026 (शहीद-ए-आज़म ब्यूरो): पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर 22 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। यूनियन के अनुसार, हड़ताल के कारण राज्य में सरकारी बस सेवा प्रभावित हो सकती है।
यूनियन के अनुसार करीब 6,500 कॉन्ट्रैक्ट और अस्थायी कर्मचारी इस संघर्ष में शामिल होंगे। बाबूशाही के मुताबिक, हड़ताल होने की स्थिति में 2,700 से अधिक बसों की आवाजाही प्रभावित होने की संभावना है, जिससे रोजाना बसों पर निर्भर यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
क्या हैं मुख्य मांगें?
कर्मचारियों की मुख्य मांगों में कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को नियमित करना, आउटसोर्सिंग प्रणाली खत्म करना, बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली और पिछले धरनों के दौरान दर्ज पुलिस केस वापस लेना शामिल है। यूनियन का आरोप है कि सरकार के साथ लंबे समय से बैठकें होने के बावजूद मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया।
यूनियन नेताओं के अनुसार, पिछले चार वर्षों में सरकार के साथ करीब 59 बैठकें हो चुकी हैं। उन्होंने कॉन्ट्रैक्ट प्रणाली के तहत कथित कमीशन, कटौतियों और ईपीएफ/ईएसआई से संबंधित शिकायतों का मुद्दा भी उठाया है। ये दावे यूनियन की ओर से किए गए हैं।
पहले भी हो चुका है समझौता
इसी साल अगस्त में करीब 7,500 कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की हड़ताल सरकार की ओर से लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद वापस ले ली गई थी। उस समय परिवहन विभाग ने पनबस के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को पीआरटीसी के सर्विस रूल्स के अनुसार नियमित करने का प्रस्ताव, सीधे कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम को लेकर कानूनी कदम उठाने और पिछले मामलों की समीक्षा के संबंध में आश्वासन दिया था।
अब यूनियन का कहना है कि मांगों पर उम्मीद के मुताबिक कार्रवाई नहीं होने के कारण दोबारा हड़ताल का फैसला लिया गया है। यदि 22 सितंबर को हड़ताल शुरू होती है, तो पंजाब के विभिन्न बस अड्डों पर सेवाएं प्रभावित होने की संभावना है। सरकार और यूनियन के बीच अगली बातचीत इस मामले में महत्वपूर्ण रहेगी।






