Tuesday, September 29, 2026
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कूनो में चीता संरक्षण को नई उम्मीद, 4 शावकों के जन्म से संख्या बढ़कर 56 हुई

श्योपुर, मध्य प्रदेश, 19 , सितंबर 2026 (शहीद-ए-आज़म ब्यूरो): भारत के प्रोजेक्ट चीता ने चार वर्ष पूरे करने के तुरंत बाद एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में भारत में जन्मी मादा चीता केजीपी 12 ने चार शावकों को जन्म दिया है। इसके साथ ही देश में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 56 हो गई है।

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने इसे प्रोजेक्ट चीता के लिए महत्वपूर्ण और खुशी का क्षण बताया। उनके अनुसार, चार वर्षों में चार नए जीवों का जन्म भारत में चीता संरक्षण और प्राकृतिक प्रजनन के लिए उम्मीद का संकेत है।

ताजा जन्म के बाद 36 चीते भारत की धरती पर जन्म ले चुके हैं। मौजूदा आंकड़ों के अनुसार, 53 चीते कूनो नेशनल पार्क और 3 चीते गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में हैं।

2022 में शुरू हुआ था प्रोजेक्ट चीता

प्रोजेक्ट चीता की शुरुआत 17 सितंबर 2022 को हुई थी, जब नामीबिया से लाए गए 8 चीतों को कूनो में छोड़ा गया। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका और बोत्सवाना से भी चीते भारत लाए गए। सरकार के अनुसार, यह किसी बड़े मांसाहारी जीव के संरक्षण के लिए पहली अंतर-महाद्वीपीय ट्रांसलोकेशन मुहिम थी।

केजीपी 12 खुद भारत में जन्मी मादा चीता है और यह उसका दूसरा लिटर बताया जा रहा है। नए शावकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर कूनो की टीम द्वारा दूर से निगरानी रखी जा रही है।

कूनो प्रबंधन के अनुसार, भारत में चीतों की संख्या बढ़ने के साथ अब अगला लक्ष्य एक स्थायी, स्वतंत्र और प्राकृतिक रूप से प्रजनन करने वाली चीता आबादी स्थापित करना है।

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