वॉशिंगटन, 19 सितंबर 2026 (शहीद-ए-आज़म ब्यूरो): अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने अवैध इमिग्रेशन को रोकने के लिए अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। ताजा कदमों में सीमा बैरियर, निगरानी प्रणालियों और बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार शामिल है। टेक्सास के Big Bend क्षेत्र में नई बॉर्डर वॉल का निर्माण भी शुरू हो चुका है।
‘डंकी रूट’ या ‘डॉन्की रूट’ आमतौर पर उन अवैध और खतरनाक यात्रा मार्गों के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जिनके जरिए कुछ भारतीय नागरिक कई देशों से होते हुए मेक्सिको के रास्ते अमेरिका में प्रवेश करने की कोशिश करते हैं। ऐसे मामलों में एजेंटों और मानव तस्करी नेटवर्क की भूमिका भी जांच के दायरे में रहती है।
अमेरिकी सीमा संबंधी आंकड़ों के अनुसार, भारतीय नागरिकों द्वारा अवैध रूप से सीमा पार करने की कोशिशों में पिछले समय में कमी दर्ज की गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, 2025 में कनाडा-अमेरिका सीमा के जरिए अवैध प्रवेश की कोशिशों में भारतीय नागरिकों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 68 प्रतिशत कम हुई थी।
भारत सरकार द्वारा संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, 2025 के दौरान 3,800 से अधिक भारतीय नागरिकों को अमेरिका से डिपोर्ट किया गया। इससे अवैध रास्तों के जरिए अमेरिका जाने वालों के सामने मौजूद कानूनी और वित्तीय जोखिमों का मुद्दा भी सामने आया है।
अमेरिका की ओर से सीमा पर सख्ती के साथ-साथ डिपोर्टेशन नीतियों में भी बदलाव किए गए हैं। हालांकि, 18 सितंबर 2026 को एक अमेरिकी अपील अदालत ने तीसरे देशों में तेजी से डिपोर्ट करने की ट्रंप प्रशासन की एक नीति पर लगी कानूनी रोक को बड़े स्तर पर बरकरार रखा। इससे डिपोर्टेशन प्रक्रिया में कानूनी सुरक्षा और Due Process (उचित कानूनी प्रक्रिया) का मुद्दा महत्वपूर्ण बना हुआ है।
मुख्य बिंदु: ‘डंकी रूट खत्म हो गया’ कहने के बजाय मौजूदा तथ्य यह दर्शाते हैं कि अमेरिकी सीमा पर निगरानी और कानून लागू करने की कार्रवाई काफी सख्त हुई है। अवैध प्रवेश की कोशिश करने वालों के लिए गिरफ्तारी और डिपोर्टेशन का जोखिम बना हुआ है।






