मोहाली, 19 सितंबर, 2026 (शहीद-ए-आज़म ब्यूरो): पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को अपने विचारों को कारोबार, नवाचार और रोजगार के अवसरों में बदलने के लिए वित्तीय और संस्थागत सहायता देने की दिशा में काम कर रही है। वह मोहाली स्थित इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी) के लीडरशिप समिट-2026 में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि युवाओं के नए विचारों को आगे बढ़ाने के लिए स्टार्टअप सेंटर स्थापित किया गया है। इसके अलावा स्कूल ऑफ एमिनेंस में चलाए जा रहे बिजनेस ब्लास्टर्स कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को कारोबारी विचार विकसित करने के लिए सीड मनी दी जा रही है। सरकार की ओर से बेहतर विचारों को पेटेंट कराने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।
मान ने उद्योगपतियों और निवेशकों को पंजाब में निवेश करने का न्योता देते हुए कहा कि सरकार राज्य को उद्योग, निवेश और नवाचार का केंद्र बनाने की दिशा में काम कर रही है। उनके अनुसार युवाओं को केवल रोजगार तलाशने वालों के बजाय रोजगार पैदा करने वाले उद्यमी बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है। यह मुख्यमंत्री द्वारा सरकार की नीति के संबंध में दिया गया बयान है।
इसी दिशा में पंजाब सरकार ने जून 2026 में 31 स्टार्टअप्स को कुल 1.07 करोड़ रुपये की सीड फंडिंग दी थी। पंजाब स्टार्टअप एंड इंडस्ट्रियल पॉलिसी-2026 के तहत सीड ग्रांट की सहायता को 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये किया गया है।
राष्ट्रीय स्तर पर भी स्टार्टअप इंडिया के आंकड़ों के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक 2.23 लाख से अधिक स्टार्टअप्स को मान्यता मिल चुकी थी और इनसे 23.36 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार पैदा हुए थे।
मुख्यमंत्री ने आईएसबी के 25 वर्ष पूरे होने पर संस्थान को बधाई देते हुए कहा कि ऐसी संस्थाएं युवाओं की प्रतिभा को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।






