Monday, September 28, 2026
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संगत ने थापर यूनिवर्सिटी, पटियाला के अंदर 200 से 300 साल पुराने डेरे को हटाने का किया विरोध

पटियाला, 23 सितंबर, 2026 (गुरमीत सिंह तुंग):  बाबा श्री चंद जी महाराज जी के जन्मदिवस के अवसर पर डेरा गुग्गा माड़ी, थापर कॉलेज में बड़ी संख्या में पहुंची संगत ने दैनिक जागरण अखबार में प्रकाशित उस खबर को लेकर भारी रोष जताया, जिसमें इस प्राचीन धार्मिक स्थल को हटाए जाने का उल्लेख किया गया है।

संगत ने बताया कि उनके बुजुर्ग पिछली तीन पीढ़ियों से इस डेरे के दर्शन करते आ रहे हैं। बाबा श्री चंद जी महाराज जी का धूणा, गुरुद्वारा साहिब, शिव मंदिर और गुग्गा माड़ी सहित इस स्थान के साथ लगते करीब 25 गांवों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। संगत का कहना है कि पटियाला नगर निगम और थापर यूनिवर्सिटी प्रशासन इस स्थान को हटाना चाहते हैं, जिसका वे कड़ा विरोध करते हैं।

डेरे के गद्दीनशीन महंत राम दास, चेले श्री महंत ध्यान दास ने कहा कि उनके गुरुओं की चार पीढ़ियां इस डेरे की सेवा करती आ रही हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वह इस पावन एवं पवित्र डेरे के गद्दीनशीन महंत हैं। उन्होंने बताया कि इस स्थान को लेकर पटियाला कोर्ट और जालंधर में डायरेक्टर लैंड रिकॉर्ड के पास सेक्शन 42 के तहत मामला विचाराधीन है। उनके अनुसार स्वास्थ्य मंत्री, पटियाला के मेयर सहित उच्च अधिकारी इस कार्रवाई के संबंध में पूरी तरह अवगत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सारी कार्रवाई पदों का दुरुपयोग कर लालचवश की जा रही है।

महंत राम दास ने कहा कि 200 वर्षों से भी अधिक समय से 25 गांवों और दूर-दराज के क्षेत्रों से हर धर्म के लोग इस पवित्र स्थान पर नतमस्तक होने के लिए आते हैं और अपनी मुरादें पूरी होने की प्रार्थना करते हैं। उन्होंने कहा कि इस स्थान से लोगों की गहरी धार्मिक आस्था जुड़ी हुई है।

उन्होंने आगे कहा कि यदि पटियाला प्रशासन, थापर यूनिवर्सिटी प्रशासन या कोई अन्य व्यक्ति डेरे की एक ईंट भी हटाने की कोशिश करता है तो बड़े स्तर पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि संगत हर परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार है। उन्होंने प्रशासन से इस स्थान को न हटाने की मांग करते हुए कहा कि यह एक ऐतिहासिक स्थल होने के साथ-साथ 25 गांवों की आस्था का केंद्र है। इस स्थान पर उनके पुरखों की समाधियां भी मौजूद हैं।

एक बुजुर्ग श्रद्धालु ने बातचीत के दौरान धार्मिक स्थल को हटाए जाने को लेकर रोष जताते हुए कहा, “मैं खुद यहां 68 वर्षों से आ रहा हूं। बाबा जी की तीन पीढ़ियों से परिचित हूं। इस पवित्र स्थान पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु माथा टेकने आते हैं।”

श्रद्धालु ने आगे कहा कि जहां भी किसी धार्मिक स्थल के लिए आवश्यकता होती है, लोग अपनी जमीन और संपत्ति तक दान कर देते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार के पदाधिकारियों को ऐसी कार्रवाई से गुरेज करना चाहिए।

इस मामले को लेकर पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने संक्षिप्त जवाब देते हुए कहा, “यह जगह म्युनिसिपल कॉरपोरेशन की है। आपां देख लैने आं।”

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