फतेहगढ़ साहिब, 25 सितंबर, 2026 (जगजीत सिंह): पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, लुधियाना के कृषि विज्ञान केंद्र, फतेहगढ़ साहिब ने 25 किसानों के लिए पराली प्रबंधन अभियान की शुरुआत 5 दिवसीय प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के साथ की। प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का उद्देश्य किसानों को धान की पराली के प्रबंधन के लिए वैज्ञानिक तकनीकों तथा रबी की फसल की बुवाई से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी देना था।
डॉ. हरदीप सिंह सभिखी, डिप्टी डायरेक्टर (ट्रेनिंग), सहायक प्रोफेसर मृदा विज्ञान डॉ. अजय कुमार और अन्य के.वी.के. विशेषज्ञों के नेतृत्व में आयोजित यह कार्यक्रम टिकाऊ कृषि विधियों पर केंद्रित था। इसमें हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, सरफेस सीडर और पी.ए.यू. स्मार्ट सीडर जैसी उन्नत मशीनों के उपयोग की जानकारी दी गई।

के.वी.के. विशेषज्ञों ने किसानों को धान की पराली का उपयोग मशरूम की खेती, सब्जियों में मल्चिंग तथा पशुओं के चारे के रूप में करने के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण कार्यक्रम में विचार-विमर्श, तकनीकी सत्र और खेतों का दौरा शामिल था। इससे किसानों को कृषि विशेषज्ञों के साथ सीधे जुड़कर पराली के उचित प्रबंधन के तरीकों की जानकारी प्राप्त हुई।
डॉ. हरदीप सिंह सभिखी, डिप्टी डायरेक्टर (ट्रेनिंग) ने पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने में कृषि विज्ञान केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। प्रशिक्षण के समापन पर किसानों को शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई तथा फसल अवशेषों के बेहतर प्रबंधन के लिए किसानों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।






