Monday, September 28, 2026
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स्तनपान के प्रति जागरूकता: महिला एवं बाल विकास विभाग ने मां और बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य के लिए जारी किए विशेष दिशा-निर्देश

हरियाणा, 28 सितंबर, 2026 (संजीव शर्मा):  हरियाणा सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा नवजात शिशुओं और माताओं के बेहतर स्वास्थ्य एवं पोषण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विशेष ‘स्तनपान जागरूकता’ अभियान चलाया जा रहा है।
इस संबंध में विभाग के एक प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि मां का दूध बच्चे के लिए पहला टीका, पहली खुराक और पहला प्यार है, जो बच्चे के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने बताया कि स्तनपान केवल बच्चे के लिए ही नहीं, बल्कि मां के स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभदायक है।
मां को होने वाले लाभों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि स्तनपान से गर्भाशय को जल्द सामान्य स्थिति में आने में मदद मिलती है, स्तन और अंडाशय के कैंसर का खतरा कम होता है, वजन कम करने में सहायता मिलती है तथा यह मां और बच्चे के बीच भावनात्मक लगाव को मजबूत करता है।
इसके अलावा, यह आर्थिक रूप से भी लाभदायक है, क्योंकि मां का दूध हमेशा साफ-सुथरा, सुरक्षित और आसानी से उपलब्ध रहता है। वहीं, बच्चे के लिए इसके लाभों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि यह बच्चे को बीमारियों से बचाने के लिए प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करता है, मस्तिष्क के विकास में सहायक होता है और सभी आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्रदान करता है। यह आसानी से पच जाता है, जिससे एलर्जी, दस्त और संक्रमण का खतरा कम होता है तथा यह हमेशा सुरक्षित और तैयार आहार के रूप में उपलब्ध रहता है।
स्तनपान कब और कैसे कराया जाए, इस विषय पर प्रवक्ता ने विस्तृत दिशा-निर्देश साझा किए। उन्होंने कहा कि जन्म के तुरंत बाद, यानी एक घंटे के भीतर बच्चे को स्तनपान शुरू कर देना चाहिए। इसके बाद शुरुआती 6 महीनों तक बच्चे को केवल मां का दूध ही पिलाना चाहिए। 6 महीने पूरे होने के बाद उपयुक्त पूरक आहार शुरू करने के साथ-साथ स्तनपान जारी रखना चाहिए और इसे बच्चे की 2 वर्ष या उससे अधिक उम्र तक जारी रखा जा सकता है।
स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए आवश्यक सुझाव देते हुए प्रवक्ता ने कहा कि माताओं को स्वयं स्वच्छ एवं पौष्टिक भोजन करना चाहिए और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए। इसके साथ ही माताओं के लिए पर्याप्त आराम करना, धूम्रपान, शराब अथवा किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों से दूर रहना और स्तनपान कराने से पहले हाथों को अच्छी तरह साफ करना बेहद जरूरी है। उन्होंने परिवार के सदस्यों से भी अपील की कि वे स्तनपान कराने वाली माताओं को पूरा सहयोग और प्रोत्साहन दें।
प्रवक्ता ने ‘मां का दूध अनमोल है—इसे अपनाएं, बच्चे का भविष्य सुरक्षित बनाएं’ का संदेश देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की सहायता या जानकारी के लिए महिला हेल्पलाइन नंबर 181 या चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा विभाग की वेबसाइट www.wcdhry.gov.in पर भी विस्तृत जानकारी उपलब्ध है।
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