उत्तरकाशी, 28 सितंबर 2026 (जगजीत सिंह): उत्तरकाशी जिले के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी के बाद प्रशासन ने ट्रेकर्स, पर्वतारोहियों और पोर्टरों की सुरक्षा के लिए राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। जिला मजिस्ट्रेट प्रशांत आर्य ने आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों के साथ बैठक कर सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
प्रशासन की ओर से विभिन्न ट्रैकिंग रूटों और बेस कैंपों में मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर लाने के लिए राहत एवं बचाव दल तैनात किए गए हैं। मौसम की स्थिति को देखते हुए हेलीकॉप्टर सेवाओं को पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। सोमवार को हवाई निगरानी करने और आवश्यकता पड़ने पर एयर रेस्क्यू शुरू करने की तैयारियां की गई हैं।
ट्रेकर्स के लिए राशन, पैक्ड भोजन और पीने के पानी की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है। आसपास के क्षेत्रों में डॉक्टरों की टीमें, आवश्यक दवाइयां और एंबुलेंस तैयार रखी गई हैं, ताकि किसी भी व्यक्ति को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
बचाव कार्यों में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग (NIM) और वन विभाग की टीमें सक्रिय हैं। जिला आपदा नियंत्रण कक्ष सैटेलाइट संचार के माध्यम से अभियानों के गाइडों के साथ लगातार संपर्क में है और ट्रैकिंग रूटों पर लोगों की स्थिति के बारे में जानकारी जुटा रहा है।
प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कुल 136 पर्वतारोही, ट्रेकर्स और सहायक स्टाफ मौजूद हैं। इनमें से 89 लोग ऊंचाई वाले अभियानों का हिस्सा हैं। इसके अलावा 18 व्यक्ति कालिंदी पास बेस कैंप और 29 व्यक्ति ऑडेन कोल पास बेस कैंप में मौजूद हैं।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उच्च हिमालय में मौजूद सभी ट्रेकर्स और पोर्टरों को सुरक्षित तरीके से नीचे लाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। बचाव कार्यों की जमीनी स्तर पर निगरानी और बेहतर समन्वय के लिए अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्रा हर्षिल के लिए रवाना हो गई हैं।
प्रशासन ने सभी विभागों और बचाव दलों को आपसी समन्वय के साथ तेजी से काम करने के निर्देश दिए हैं।






