नशे के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा; कहा—नशा रोकने के दावे करने वाले जमीनी हकीकत का जवाब दें
धर्मकोट, 28 सितंबर 2026 (लछमन जीत सिंह पुरबा): शिरोमणि अकाली दल के हलका धर्मकोट प्रभारी बरजिंदर सिंह मखण बराड़ ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो द्वारा की गई कार्रवाइयों और हलके में नशे की समस्या को लेकर सरकार तथा प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। वह अपनी रिहाइश पर जिला प्रधान निहाल सिंह भुल्लर के नेतृत्व में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे।
मखण बराड़ ने कहा कि हलका धर्मकोट से संबंधित थानों में तैनात रहे तीन पुलिस इंस्पेक्टरों के खिलाफ अलग-अलग समय में विजिलेंस ब्यूरो द्वारा भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई होना गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि इन मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि पुलिस प्रशासन में भ्रष्टाचार रोकने के लिए कौन-कौन से ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2023 में थाना धर्मकोट के तत्कालीन इंस्पेक्टर गुरविंदर सिंह भुल्लर के खिलाफ विजिलेंस द्वारा रिश्वत के मामले में कार्रवाई की गई थी। इसके बाद वर्ष 2024 में थाना कोट ईसे खां की तत्कालीन एसएचओ इंस्पेक्टर अर्शप्रीत कौर ग्रेवाल के खिलाफ नशे से संबंधित मामले में कथित रिश्वत के आरोपों के तहत केस दर्ज होने का उन्होंने उल्लेख किया। उनके मुताबिक, मीडिया रिपोर्टों में इस मामले में 5 लाख रुपये की रिश्वत के आरोप सामने आए थे।
मखण बराड़ ने कहा कि हाल ही में कोट ईसे खां की एसएचओ इंस्पेक्टर सुनीता रानी/बावा के खिलाफ भी विजिलेंस ब्यूरो द्वारा 50 हजार रुपये की कथित रिश्वत के मामले में कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि विजिलेंस के अनुसार एसएचओ और पंजाब होमगार्ड के एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है तथा मामले की जांच जारी है।
अकाली नेता ने कहा कि ऐसे मामलों को केवल व्यक्तिगत अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि यह भी जांचा जाए कि हलके में इस तरह की घटनाएं बार-बार सामने आने के कारण क्या हैं और प्रशासनिक स्तर पर इन्हें रोकने के लिए क्या व्यवस्था की गई है।
उन्होंने हलका धर्मकोट के विधायक पर एक पुलिस अधिकारी की तैनाती को लेकर कथित राजनीतिक प्रभाव इस्तेमाल करने के आरोप भी लगाए। मखण बराड़ ने कहा कि इस संबंध में सामने आए आरोपों और बाद में की गई निलंबन की कार्रवाई की भी पूरी जांच होनी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि यदि पुलिस तैनातियों पर राजनीतिक प्रभाव के आरोप लगते हैं तो लोगों का प्रशासन और न्याय व्यवस्था पर भरोसा कैसे कायम रहेगा।
नशे के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा
मखण बराड़ ने हलके में नशे की समस्या का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान हलके में नशा नहीं घुसने देने संबंधी किए गए दावों के बावजूद आज भी विभिन्न गांवों से नशे के कारण मौतों की खबरें सामने आ रही हैं।
उन्होंने कहा कि नशे के कारण अपने युवा बेटे खोने वाले परिवारों का दर्द केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं किया जा सकता। सरकार को नशे की सप्लाई लाइन तोड़ने, युवाओं को नशे से दूर रखने और प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए जमीनी स्तर पर अधिक प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने सरकार की ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ मुहिम पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मुहिम की सफलता के दावों के साथ-साथ धर्मकोट हलके में नशे से जुड़ी समस्याओं और लोगों की शिकायतों का समाधान भी नजर आना चाहिए।
अंत में मखण बराड़ ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल हलका धर्मकोट की ओर से भ्रष्टाचार, नशे और प्रशासनिक खामियों से जुड़े लोगों के मुद्दे लगातार उठाए जाते रहेंगे।






