पटियाला, 30 सितंबर,2026 (बलजीत सरना): भारतीय किसान यूनियन शादिपुर के अध्यक्ष बूटा सिंह शादिपुर ने पटियाला में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा की एक रैली में कुछ लोगों द्वारा किसान यूनियन के लोगो के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें पत्रकारों के माध्यम से जानकारी मिली कि कुछ लोग भाजपा रैली में किसान संगठन का लोगो लगाकर पहुंचे थे।
बूटा सिंह शादिपुर ने कहा कि संगठन ने इस मामले को लेकर अपने कानूनी सलाहकार से बातचीत की है और संबंधित व्यक्तियों को कानूनी नोटिस जारी करने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने भाजपा रैली में किसान यूनियन के लोगो का इस्तेमाल करने वाले लोगों के अधिकार और संगठन से उनके संबंध पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा रैली में भारतीय किसान यूनियन शादिपुर के किसी पदाधिकारी के शामिल होने की उन्हें जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि आम नागरिक किसी भी राजनीतिक कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से शामिल हो सकता है, लेकिन किसी संगठन के पदाधिकारी या प्रतिनिधि के रूप में किसी राजनीतिक दल का झंडा उठाना अलग विषय है।
बूटा सिंह ने कहा कि यदि कोई किसान अपनी व्यक्तिगत भावनाओं के तहत भाजपा नेताओं से मिलने या अपने विचार रखने पहुंचा था, तो उसकी बात सुनी जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि किसानों और मजदूरों की मांगों को सुने बिना पंजाब में किसी भी राजनीतिक दल के लिए लोगों का विश्वास हासिल करना मुश्किल होगा।
उन्होंने कहा कि किसान संगठनों की कई मांगें वर्ष 2021 से लंबित हैं। इसके अलावा किसानों और मजदूरों के लिए 10,000 रुपये मासिक पेंशन की मांग भी उठाई गई है। उनके अनुसार, यदि भाजपा पंजाब में अपना आधार मजबूत करना चाहती है तो उसे किसानों और मजदूरों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
बूटा सिंह शादिपुर ने कहा कि किसान संगठनों से जुड़े लोग सामान्य तौर पर किसान संगठनों के झंडे लेकर चलते हैं। किसी राजनीतिक दल का झंडा उठाना संगठन की विचारधारा और निर्णयों से अलग किसी व्यक्ति की निजी कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने भाजपा रैली में किसानों के स्वागत और नेताओं द्वारा दिए गए बयानों पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि यदि किसान वास्तव में अपनी समस्याएं लेकर भाजपा नेताओं तक पहुंचे थे, तो उन्हें अपनी भावनाएं और शिकायतें सामने रखने का पूरा अवसर दिया जाना चाहिए था।






