नई दिल्ली, 30 सितंबर, 2026 (छत्रपाल सिंह): चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्षी दलों ने बुधवार को नई दिल्ली में बैठक की। बैठक में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आगे की कार्रवाई और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर संयुक्त आंदोलन की रूपरेखा पर चर्चा हुई।
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, जयराम रमेश और के.सी. वेणुगोपाल सहित कई विपक्षी नेता शामिल हुए। तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी तथा अन्य विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया। समाजवादी पार्टी, वाम दल, एनसीपी (शरदचंद्र पवार) और शिवसेना (यूबीटी) की ओर से भी भागीदारी रही।
बैठक का एक प्रमुख मुद्दा ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए संसद में प्रस्ताव लाने की तैयारी है। विपक्ष इससे पहले भी उनके खिलाफ हटाने का प्रस्ताव ला चुका है और अब एक और प्रयास की तैयारी की जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक प्रस्ताव का मसौदा तैयार किया जा रहा है और दोनों सदनों में नोटिस दिए जाने पर विचार है।
विपक्षी दल SIR प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं। वहीं, चुनाव आयोग का कहना है कि आयोग के भीतर अलग-अलग राय और टिप्पणियां संस्थागत विचार-विमर्श का हिस्सा हैं तथा उसके फैसले निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत लिए जाते हैं।
बैठक में सभी विपक्षी दल शामिल नहीं हुए। आम आदमी पार्टी और द्रमुक ने दूरी बनाए रखी। द्रमुक ने हालांकि संकेत दिया है कि संसद में ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए प्रस्ताव लाया जाता है तो वह उसका समर्थन कर सकती है।
विपक्षी दलों की इस बैठक के बाद चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर साझा कार्यक्रम और संसद में आगे की रणनीति को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होने की संभावना है।