संगरूर, 30 सितंबर, 2026 (हर्षलीन सिंह): जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी, संगरूर की ओर से स्कूल ऑफ एमिनेंस, संगरूर (नील कोठी) में बच्चों के दिव्यांगता प्रमाणपत्र और यू.डी.आई.डी. कार्ड बनाने के लिए विशेष कैंप लगाया गया।
इस अवसर पर सिविल जज (सीनियर डिवीजन)/चीफ जुडिशियल मजिस्ट्रेट-कम-सचिव, जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी, संगरूर श्री आशीष ठठई, पी.सी.एस. ने बताया कि कैंप का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के साथ-साथ उनके और उनके परिवारों के लिए दिव्यांगता प्रमाणपत्र तथा यू.डी.आई.डी. कार्ड बनवाने की प्रक्रिया को आसान और सुलभ बनाना है।
उन्होंने बताया कि यू.डी.आई.डी. कार्ड दिव्यांग व्यक्तियों की पहचान और सत्यापन के लिए एकल दस्तावेज के रूप में कार्य करता है, जिसके माध्यम से वे विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय कानूनी सेवाएं अथॉरिटी (नालसा) (मानसिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों और बौद्धिक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों के लिए कानूनी सेवाएं) योजना, 2024 और नालसा (बच्चों के लिए बाल-मित्र कानूनी सेवाएं) योजना, 2024 के तहत यह कैंप लगाया गया है।
कैंप के दौरान दिव्यांगता प्रमाणपत्र/यू.डी.आई.डी. कार्ड के लिए कुल 35 आवेदन प्राप्त हुए। सिविल सर्जन कार्यालय से डॉक्टरों की टीम और आवश्यक सुविधाओं के साथ सेवा केंद्र का स्टाफ आवेदकों की सहायता के लिए मौजूद रहा।
जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय की ओर से जिले के विभिन्न स्कूलों को कैंप संबंधी जानकारी उपलब्ध करवाई गई, ताकि योग्य विद्यार्थी इसका लाभ उठा सकें। इसके अलावा, जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी, संगरूर के पैरा-लीगल वालंटियरों और पैनल वकीलों की ओर से आवेदकों को आवश्यक जानकारी देने के साथ-साथ कानूनी सहायता भी प्रदान की गई।
सचिव, जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी ने कहा कि अथॉरिटी यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि कोई भी दिव्यांग बच्चा सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि ऐसे विशेष कैंप भविष्य में भी लगातार आयोजित किए जाएंगे।






