नई दिल्ली, 3 अक्टूबर, 2026 (हर्षलीन सिंह): भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में शानदार वापसी करते हुए 44 साल बाद स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। शुक्रवार को खेले गए फाइनल में भारत ने चीन को 1-0 से मात दी। भारत की ओर से निर्णायक गोल लालरेमसियामी ने किया।
फाइनल में भारतीय टीम ने मजबूत रक्षात्मक खेल दिखाया और चीन को गोल करने का कोई मौका नहीं दिया। मैच के पहले हाफ में चीन को पेनल्टी स्ट्रोक मिला, लेकिन भारतीय गोलकीपर सविता पूनिया ने शानदार बचाव करते हुए बराबरी का मौका टाल दिया। इसके बाद भारत ने अपनी बढ़त कायम रखते हुए मुकाबला जीत लिया।
भारतीय महिला हॉकी टीम ने इससे पहले 1982 एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था। अब 44 साल बाद टीम ने एक बार फिर शीर्ष स्थान हासिल किया है। इस जीत के साथ भारत ने लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है।
भारत के लिए शानदार रहा 13वां दिन
एशियन गेम्स का 13वां दिन भारत के लिए स्वर्णिम रहा। महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम के स्वर्ण के अलावा परवीन हुड्डा, लवलीना बोरगोहेन, अंकुश पंघाल और सुजीत कालकल ने भी अपने-अपने मुकाबलों में गोल्ड जीता। महिला हॉकी टीम का स्वर्ण इस दिन भारत का छठा गोल्ड रहा।
महिला हॉकी में इस ऐतिहासिक जीत के साथ भारतीय दल का एशियन गेम्स अभियान और मजबूत हुआ है।





