मोगा, 3 अक्टूबर, 2026 (लछमण जीत सिंह पुरबा): भारतीय किसान यूनियन कादियां, रजिस्टर्ड पंजाब, जिला मोगा के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रधान निर्मल सिंह माणूंके के नेतृत्व में अनाज मंडी मोगा का दौरा किया। इस दौरान पाया गया कि मंडी में धान की आवक शुरू हो चुकी है, लेकिन खरीद स्टाफ की ओर से अभी तक मंडी में पहुंचकर धान की गुणवत्ता और नमी की जांच नहीं की गई है।
जथेबंदी ने जिला प्रशासन मोगा से मांग की कि खरीद अधिकारियों को तुरंत मंडियों में उपस्थित होने की सख्त हिदायत दी जाए, ताकि किसान व्यापारियों अथवा शेलर मालिकों को सरकार द्वारा निर्धारित कीमत से कम रेट पर अपनी मेहनत से तैयार की गई फसल बेचने के लिए मजबूर न होना पड़े। जथेबंदी ने चेतावनी दी कि यदि जिला प्रशासन की ओर से तुरंत मंडियों में सरकारी खरीद शुरू नहीं करवाई गई तो संगठन संघर्ष करने के लिए मजबूर होगा, जिसकी जिम्मेदारी पंजाब सरकार और जिला प्रशासन की होगी।
इसके अलावा जथेबंदी ने भारत सरकार द्वारा घोषित गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में मात्र 0.25 रुपये प्रति किलो की वृद्धि को पूरी तरह खारिज किया। जथेबंदी ने कहा कि भारत के इतिहास में यह पहली सरकार है, जिसने गेहूं के खरीद मूल्य में मात्र 0.96 प्रतिशत की वृद्धि की है। संगठन ने कहा कि सरकार के अपने आंकड़ों के अनुसार समग्र महंगाई दर में 4.21 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिसमें रासायनिक खादों की कीमतों में 29.41 प्रतिशत की वृद्धि भी शामिल है।
जथेबंदी ने कहा कि इसके बावजूद गेहूं के भाव में 1 प्रतिशत से भी कम वृद्धि करना किसानों के प्रति सरकार की नीति को दर्शाता है। संगठन ने सरकार से गेहूं के खरीद मूल्य में की गई वृद्धि पर पुनर्विचार करने की मांग की।
इसके अलावा जथेबंदी ने पंजाब सरकार द्वारा राज्य को ‘पुलिस राज’ बनाने की दिशा में किए जा रहे कार्यों की निंदा की। संगठन ने सुनाम हलके के एक दलित परिवार के साथ संगरूर में हुए कथित पुलिस अत्याचार की निंदा करते हुए पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग की। साथ ही सरकार से अपील की कि पुलिस को राज्य में बिगड़ रही कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार लाने के लिए उचित निर्देश जारी किए जाएं।
इस मौके पर अंग्रेज सिंह ब्लॉक प्रधान मोगा, जगराज सिंह राजा दौलतपुरा सदस्य जिला कार्यकारिणी, निर्मल सिंह दौलतपुरा, वकील सिंह माणूंके सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।





