वॉशिंगटन, 5 अक्टूबर (गुरमीत सिंह तुंग): अमेरिकी सेना ने कैरेबियन सागर में कथित तौर पर मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल एक नाव को निशाना बनाते हुए हमला किया है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, इस कार्रवाई में चार लोगों की मौत हो गई। अमेरिकी सदर्न कमांड की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, यह नाव कथित तौर पर तस्करी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले मार्ग पर चल रही थी। सेना ने इसे तेज रफ्तार वाली ‘गो-फास्ट’ नाव बताया है। हालांकि, अधिकारियों की ओर से ऐसा कोई सबूत सार्वजनिक नहीं किया गया है, जिससे यह साबित हो सके कि हमले के समय नाव में मादक पदार्थ मौजूद थे।
अमेरिकी सेना द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में एक तेज गति से आगे बढ़ रही नाव को धमाके के बाद नष्ट होते हुए दिखाया गया है।
यह कार्रवाई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा लैटिन अमेरिका में कथित ड्रग तस्करों और आपराधिक गिरोहों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। सितंबर 2025 में शुरू हुए इस अभियान के दौरान अमेरिकी सेना कैरेबियन और पूर्वी प्रशांत क्षेत्र में कई नावों को निशाना बना चुकी है। अमेरिकी सेना के आंकड़ों के अनुसार, अब तक 70 कार्रवाइयों में कम से कम 235 लोगों की मौत होने की जानकारी है।
अमेरिकी प्रशासन इन कार्रवाइयों को मादक पदार्थों की तस्करी रोकने और अमेरिका में ओवरडोज के कारण होने वाली मौतों को कम करने के लिए जरूरी कदम बता रहा है।
इस बीच, अमेरिका द्वारा लैटिन अमेरिका के कुछ देशों के साथ संयुक्त सैन्य कार्रवाइयों को बढ़ाने के लिए बातचीत भी की जा रही है। एक अमेरिकी अधिकारी ने पहले दावा किया था कि कोलंबिया, ग्वाटेमाला और होंडुरास ने अपने क्षेत्रों में आपराधिक गिरोहों के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई के लिए सहमति जताई है। हालांकि, ग्वाटेमाला ने इस तरह की किसी भी सहमति से इनकार किया था।
दूसरी ओर, इन हमलों को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। अमेरिकी प्रशासन की ओर से हमलों में मारे गए लोगों के कथित तौर पर तस्कर होने के संबंध में सार्वजनिक रूप से सीमित सबूत पेश किए गए हैं।





