दिड़बा, 7 अक्टूबर 2026 (जगजीत सिंह): पंजाब के वित्त मंत्री श्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि ‘मेरा घर, मेरे नाम’ योजना के तहत आज गांव दीवाणगढ़ उर्फ कायमपुर में योग्य लाभार्थियों को 194 प्रॉपर्टी कार्ड वितरित किए गए। उन्होंने कहा कि यह पहल लाल डोरे के भीतर रहने वाले योग्य परिवारों को उनके घरों के मालिकाना हक की दस्तावेजी पहचान उपलब्ध करवाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना के तहत विधानसभा क्षेत्र दिड़बा में कुल 25,122 प्रॉपर्टी कार्ड वितरित किए जाने हैं। उन्होंने कहा कि योग्य लाभार्थियों तक कार्ड सुचारू रूप से पहुंचाने के साथ-साथ उन्हें इनके महत्व और उपयोग के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।
वित्त मंत्री ने कहा कि अपना घर हर परिवार की भावनाओं, जीवनभर की मेहनत और भविष्य की उम्मीदों से जुड़ा होता है। जिस घर में किसी परिवार की कई पीढ़ियों ने जीवन बिताया हो, उस घर के मालिकाना हक का स्पष्ट दस्तावेज उस परिवार के लिए विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि प्रॉपर्टी कार्ड परिवार को अपने घर के मालिकाना हक संबंधी औपचारिक रिकॉर्ड उपलब्ध करवाकर भरोसे और सुरक्षा का एहसास कराता है।
श्री चीमा ने कहा कि गांवों में बहुत से परिवार पीढ़ियों से लाल डोरे के भीतर अपने घरों में रह रहे हैं, लेकिन मालिकाना हक का औपचारिक रिकॉर्ड न होने के कारण उन्हें विभिन्न मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ‘मेरा घर, मेरे नाम’ योजना ऐसे योग्य परिवारों के घरों के मालिकाना हक संबंधी रिकॉर्ड की कमी को दूर करने और उनके अधिकारों को स्पष्ट करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत ड्रोन सर्वे और आधुनिक तकनीक की मदद से संपत्तियों की सीमाबंदी और मैपिंग करके मालिकाना हक संबंधी रिकॉर्ड तैयार किया जाता है। घरों की स्थिति, सीमाओं और मालिकाना हक का स्पष्ट रिकॉर्ड होने से पारदर्शिता बढ़ती है और आपसी गलतफहमियों तथा संपत्ति संबंधी विवादों को कम करने में मदद मिलती है।
वित्त मंत्री ने कहा कि प्रॉपर्टी कार्ड घर की पहचान और मालिकाना हक संबंधी जानकारी का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। यह परिवारों को अपने घरों की देखभाल, सुधार और भविष्य की योजना बनाने के लिए अधिक भरोसा प्रदान करेगा। औपचारिक संपत्ति रिकॉर्ड उपलब्ध होने से बैंकों से ऋण के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया में भी सुविधा हो सकती है, हालांकि ऋण की मंजूरी संबंधित बैंक के नियमों और आवेदक की पात्रता के अनुसार ही होगी।
श्री चीमा ने लाभार्थियों से अपील की कि वे अपने प्रॉपर्टी कार्ड में दर्ज नाम, घर की जानकारी और अन्य विवरणों की ध्यानपूर्वक जांच करें। किसी गलती या अस्पष्टता की स्थिति में संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया जाए, ताकि रिकॉर्ड में सुधार के लिए नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सके। उन्होंने लोगों से सर्वेक्षण, रिकॉर्ड की जांच और कार्डों के वितरण के दौरान संबंधित टीमों को सहयोग देने की भी अपील की।
श्री चीमा ने कहा, “‘मेरा घर, मेरे नाम’ योजना लोगों के अपने घर से जुड़े अधिकारों, सम्मान और भविष्य की सुरक्षा को मजबूत करती है। आज गांव दीवाणगढ़ उर्फ कायमपुर में 194 प्रॉपर्टी कार्डों के वितरण से लाभार्थियों को अपने घरों के मालिकाना हक की दस्तावेजी पहचान मिली है। हमारा उद्देश्य है कि हर योग्य परिवार तक इस योजना का लाभ पहुंचे और उसके घर के मालिकाना हक संबंधी रिकॉर्ड स्पष्ट हो।”





