काठमांडू/बाजुरा, 08 अक्टूबर 2026 (छत्रपाल सिंह): पश्चिमी नेपाल में बुधवार रात मध्यम तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। राष्ट्रीय भूकंप निगरानी एवं अनुसंधान केंद्र के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता 4.1 मापी गई और इसके झटके सुदूरपश्चिम प्रांत के कई जिलों में महसूस किए गए। फिलहाल भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।
केंद्र के अनुसार, भूकंप स्थानीय समयानुसार रात 9:37 बजे आया। इसका केंद्र बाजुरा जिले की बुढीगंगा नगरपालिका-10 के आसपास बताया गया है। यह इलाका नेपाल की राजधानी काठमांडू से करीब 750 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है।
बाजुरा के अलावा तीन जिलों में भी महसूस हुए झटके
भूकंप के झटके बाजुरा के अलावा पड़ोसी बझांग, कालिकोट और अछाम जिलों में भी महसूस किए गए। अचानक धरती हिलने से कुछ इलाकों में लोगों में चिंता की स्थिति बनी, हालांकि स्थानीय स्तर पर किसी बड़े नुकसान की खबर सामने नहीं आई है।
प्रशासन और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। भूकंप के बाद संभावित आफ्टरशॉक की आशंका को देखते हुए स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।
टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल के कारण नेपाल में भूकंप का खतरा अधिक
नेपाल दुनिया के सबसे अधिक भूकंप-संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल है। देश हिमालयी क्षेत्र में स्थित है, जहां भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों की लगातार होने वाली हलचल भूगर्भीय तनाव पैदा करती है। इसी वजह से नेपाल के विभिन्न हिस्सों में समय-समय पर भूकंप दर्ज किए जाते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, भूकंप की तीव्रता के साथ-साथ उसकी गहराई, केंद्र से दूरी और स्थानीय भूगर्भीय संरचना यह निर्धारित करती है कि किसी क्षेत्र में झटकों का प्रभाव कितना गंभीर होगा। 4.1 तीव्रता का भूकंप सामान्यतः मध्यम श्रेणी का माना जाता है, हालांकि आबादी वाले क्षेत्रों में इसका प्रभाव स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर करता है।
फिलहाल बाजुरा और आसपास के जिलों से किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन की ओर से आगे की जानकारी मिलने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।





