चंडीगढ़, 9 अक्टूबर 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने जिला अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे राज्य में चल रही फसल खरीद प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दें और दूसरे राज्यों की सीमाओं से आने वाले बाजरा तथा धान पर कड़ी निगरानी रखें।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को चंडीगढ़ में समाधान प्रकोष्ठ की समीक्षा बैठक के बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि निर्धारित मानकों के अनुसार 17 प्रतिशत नमी वाले धान की खरीद सुनिश्चित की जाए। राज्य सरकार किसानों का एक-एक दाना न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदेगी और किसानों को उनकी फसल की राशि का भुगतान भी समय पर किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जिले में मंडियों की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। ये अधिकारी भौतिक सत्यापन कर रहे हैं। सभी नोडल अधिकारी किसानों की सुविधा के लिए तत्पर हैं। फसल खरीद प्रक्रिया के लिए जारी दिशा-निर्देशों का पालन भी सुनिश्चित किया जाए।
खरीद प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए मंडियों में जियो-टैगिंग की गई है और सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। उन्होंने दूसरे राज्यों से बिक्री के लिए धान और बाजरा लेकर आने वाले वाहनों को जब्त करने तथा अंतरराज्यीय वाहनों की आवाजाही पर पूरी निगरानी रखने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फसल खरीद के दौरान उपज का उठान भी समय पर पूरा किया जाए। विशेष रूप से कैथल की मंडियों में उठान के काम में तेजी लाई जाए, ताकि किसानों को मंडियों में धान लाने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने बताया कि चीका मंडी में धान उतारने के लिए चार स्थान निर्धारित किए गए हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि धान उतारने के लिए एक ही स्थान निर्धारित करने की उचित व्यवस्था की जाए।
मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव डॉ. यशपाल ने बताया कि धान के अलावा राज्य में लगभग पौने दो लाख बाजरे की आवक हो रही है। प्रदेश की मंडियों में फसल की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर की जा रही है और किसानों को समय पर भुगतान किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त फसल उठान के कार्य को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।





