चंडीगढ़, 10 अक्टूबर 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना (दयालु-I और दयालु-II) के तहत पात्र परिवारों को सहायता राशि प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। योजना का लाभ लेने के लिए किसी भी आवेदक को बिचौलियों के पास न जाना पड़े और पात्र लाभार्थियों को बिना अनावश्यक देरी के आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जाए।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को चंडीगढ़ में दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
आवेदन से भुगतान तक होगी ट्रैकिंग
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आवेदन से लेकर दस्तावेजों के सत्यापन और सहायता राशि के हस्तांतरण तक पूरी प्रक्रिया की ट्रैकिंग सुनिश्चित की जाए। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में सहायता राशि सीधे और रियल टाइम में हस्तांतरित करने की व्यवस्था की जाए, ताकि उन्हें भुगतान के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि दयालु-I योजना के आवेदनों का सत्यापन दयालु-II योजना की तरह किया जाए, ताकि सत्यापन प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके और पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ समय पर मिल सके।
आपत्ति या आवेदन अस्वीकार होने पर फोन कर बताएं कारण
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मृत्यु प्रमाण पत्र सहित आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने के बाद यदि किसी आवेदन पर आपत्ति लगाई जाती है या उसे अस्वीकार किया जाता है, तो आवेदक को इसका स्पष्ट कारण बताया जाए। संबंधित अधिकारी फोन करके भी आवेदक को सूचित करें, ताकि वह दस्तावेजों में कमी को दूर कर सके या आवश्यक कार्रवाई कर सके।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि दयालु योजना को वृद्धावस्था सम्मान भत्ता योजना की तरह सक्रिय रूप से लागू करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि पात्र परिवारों की पहचान कर उन्हें योजना का लाभ सरल और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध करवाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवेदन प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि पात्र परिवारों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें और प्रत्येक आवेदन पर निर्धारित समय के भीतर कार्रवाई की जाए।
बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को दयालु-I और दयालु-II तथा इनके अंतर्गत आने वाली अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना के क्रियान्वयन से संबंधित जानकारी दी।
बैठक में वित्त एवं योजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री के. मकरंद पांडुरंग, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव डॉ. यशपाल तथा हरियाणा परिवार सुरक्षा न्यास के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री मनोज कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।





