संगरूर, 10 अक्टूबर 2026 (छत्रपाल सिंह): पंजाब के मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा कृषि के लिए पानी के वैकल्पिक स्रोत विकसित करने और भूजल संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों के तहत विधायक नरिंदर कौर भराज ने आज गांव हरेड़ी में एक महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजना का नींव पत्थर रखा। इस परियोजना के माध्यम से संगरूर के 4 एमएलडी क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के शोधित पानी को भूमिगत पाइपों के जरिए खेतों तक पहुंचाकर सिंचाई के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
इस अवसर पर विधायक नरिंदर कौर भराज ने बताया कि परियोजना के निर्माण पर कुल 166.98 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे और यह पूरी राशि पंजाब सरकार द्वारा उपलब्ध करवाई गई है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के तहत लगभग 121 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई की सुविधा मिलेगी और 52 किसान परिवारों को सीधा लाभ पहुंचेगा।
विधायक ने कहा कि शोधित पानी का कृषि कार्यों में इस्तेमाल करने से किसानों को सिंचाई के लिए एक अतिरिक्त स्रोत उपलब्ध होगा। इससे फसलों की पैदावार बढ़ने की संभावना के साथ-साथ भूजल की 20 से 30 प्रतिशत तक बचत होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि पानी की प्रत्येक बूंद का उचित उपयोग सुनिश्चित करना और आने वाली पीढ़ियों के लिए इस अनमोल प्राकृतिक संसाधन को संरक्षित करना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।
गांव में किसानों के एकत्रित समूह को संबोधित करते हुए नरिंदर कौर भराज ने कहा कि पंजाब सरकार किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के शोधित पानी को कृषि के लिए इस्तेमाल करने वाली ऐसी परियोजनाएं पानी के पुनः उपयोग को बढ़ावा देने और भूजल पर निर्भरता कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पानी की बचत करने वाली तकनीकों को अपनाएं और सिंचाई के लिए उपलब्ध वैकल्पिक स्रोतों का उचित उपयोग करें। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों के साथ किसानों की सक्रिय भागीदारी पानी संरक्षण के उद्देश्य को और मजबूत बनाएगी।
इस अवसर पर भूपिंदर नाहिल, विक्रम नकाटे, सुखा मान, खुशविंदर सिंह चिड़ी कोच, भूमि एवं जल संरक्षण विभाग के मंडल और उपमंडल स्तर के अधिकारी, भूमि रक्षा अधिकारी जसपाल सिंह, भूपिंदर सिंह और मनजीत कौर सहित समस्त स्टाफ तथा किसान उपस्थित थे।





