फतेहाबाद, 15 अक्टूबर 2026 (संजीव शर्मा): शांति निकेतन पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, ढिंगसरा में विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर को बेहतर बनाने और अभिभावकों के साथ प्रभावी संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से कक्षा तीसरी से पाँचवीं तक के विद्यार्थियों की अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) का आयोजन किया गया। इस बैठक में अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने बच्चों की पढ़ाई से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर शिक्षकों के साथ विस्तार से चर्चा की।
विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री रणसिंह जी रेपस्वाल एवं डायरेक्टर श्री विजय सिंह बाघेला ने जानकारी देते हुए बताया कि विद्यालय प्रबंधन द्वारा पीटीएम के आयोजन को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए एक नई व्यवस्था अपनाई गई है। इसके अंतर्गत सभी कक्षाओं की पीटीएम एक ही दिन आयोजित करने के बजाय इसे चार चरणों में विभाजित किया गया है। पहले चरण में नर्सरी से दूसरी, दूसरे चरण में तीसरी से पाँचवीं, तीसरे चरण में छठी से आठवीं तथा चौथे चरण में नौवीं से बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों की पीटीएम आयोजित की जा रही है।
उन्होंने बताया कि पीटीएम को चार चरणों में आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक विद्यार्थी की शैक्षणिक प्रगति पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान देना और अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई के संबंध में पूरी जानकारी उपलब्ध करवाना है। बैठक के दौरान अभिभावकों को विद्यार्थियों के प्रश्नपत्र दिखाए गए, ताकि वे बच्चों की तैयारी, उत्तर लिखने की क्षमता तथा परीक्षा में उनके प्रदर्शन को बेहतर ढंग से समझ सकें। इसके साथ ही विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान आने वाली समस्याओं पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि अभिभावक और शिक्षक मिलकर बच्चों की कमजोरियों को पहचानें तथा उन्हें दूर करने के लिए उचित मार्गदर्शन प्रदान करें, तो विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन में सकारात्मक सुधार लाया जा सकता है। पीटीएम के माध्यम से अभिभावकों को बच्चों की नियमित पढ़ाई, अभ्यास और शैक्षणिक अनुशासन के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही शिक्षकों ने अभिभावकों के सुझावों और समस्याओं को भी गंभीरता से सुना। उन्होंने कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में विद्यालय और अभिभावकों की संयुक्त भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस प्रकार की पीटीएम से विद्यालय और अभिभावकों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होता है, जिससे विद्यार्थियों को अपनी शैक्षणिक कमियों को दूर करने और भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए उचित दिशा मिलती है।






