पंचकूला, 17 अक्टूबर 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के मुख्यमंत्री के विशेष अधिकारी भोपाल सिंह खदरी ने वन विभाग और पशुपालन विभाग से संबंधित सीएम विंडो एवं जन-संवाद पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई कर उनका समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निपटारा करने के बाद एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) को ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया जाए, ताकि शिकायतों का समाधान सुनिश्चित हो सके।
बैठक में पंचकूला के गांव अब्दुल्ला में नाले को बदलने और वन विभाग की जमीन पर अवैध कब्जे से संबंधित शिकायत पर अधिकारियों ने बताया कि तहसीलदार कालका की पैमाइश रिपोर्ट आने के बाद जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त करवाया जाएगा।
मंदिर की आड़ में किए गए अवैध कब्जे पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश
पंचकूला के सेक्टर-23 में महेंद्र कुमार द्वारा वन विभाग की दो एकड़ जमीन पर मंदिर की आड़ में मकान, हॉस्टल, पौधों की नर्सरी आदि बनाकर अवैध कब्जा किए जाने का मामला सामने आया। इसके अलावा आसपास 500 से अधिक हरे पेड़ों की कटाई करने और पहाड़ी को काटकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने की शिकायत भी की गई। इस जमीन को भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण एवं वन्यजीव विभाग द्वारा संरक्षित घोषित किया गया है। विशेष अधिकारी ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में महेंद्रगढ़ के एक गांव में पंचायत के 250 से 300 हरे पेड़ों को काटने की शिकायत पर वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वन दरोगा और उप-वन रेंज अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है।
इसके अलावा गांव रसूलपुर के जंगल में लोगों द्वारा अवैध कब्जा किए जाने और वन विभाग की खाली जमीन पर पक्का रास्ता बनवाने की मांग भी रखी गई। इस शिकायत पर अधिकारियों को आपसी समन्वय से सकारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश
विशेष अधिकारी ने खरखौदा में पशुपालन विभाग द्वारा पशुओं की बीमा राशि उपलब्ध करवाने तथा कई गांवों में पोल्ट्री फार्मों के कारण बदबू और प्रदूषण फैलने की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
विशेष अधिकारी ने वन विभाग की सीएम विंडो से संबंधित 202 और जन-संवाद से संबंधित 54 शिकायतों तथा पशुपालन विभाग की सीएम विंडो से संबंधित 90 और जन-संवाद से संबंधित 113 शिकायतों की विस्तार से समीक्षा की।
उन्होंने सीएम विंडो और जन-संवाद के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के निपटारे को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
हर दो जिलों पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त
विशेष अधिकारी श्री खदरी ने विकास एवं पंचायत विभाग से संबंधित शिकायतों की समीक्षा करते हुए गांवों से अवैध कब्जे हटाने, सरपंचों के विरुद्ध रिकवरी, जमीन की निशानदेही करवाने और जीवी रामजी योजना के तहत होने वाले कार्यों से जुड़ी समस्याओं पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि शिकायतों के समाधान के लिए हर दो जिलों पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इनके माध्यम से शिकायतों का तेजी से निपटारा किया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त विभाग द्वारा पलवल में दो ग्राम सचिवों की सेवाएं समाप्त करने और खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की गई है।
विशेष अधिकारी ने विकास एवं पंचायत विभाग के अंतर्गत आने वाली जिला परिषद, ग्रामीण विकास, एचआरडीएफ, लेखा अधिकारी और शिकायत शाखा आदि से संबंधित 3,110 जन-संवाद तथा 2,583 सीएम विंडो शिकायतों की समीक्षा की। इस प्रकार अब तक लगभग 7,228 शिकायतों की समीक्षा की जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि अगली बैठक जल्द ही आयोजित की जाएगी। इसमें सभी विभागाध्यक्ष जन-संवाद और जन-समस्याओं के समाधान के लिए की गई कार्रवाई सुनिश्चित करें तथा बैठक में उनकी स्टेटस रिपोर्ट भी साथ लेकर आएं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि करनाल जिले के उच्चा समाना गांव में गरीब परिवारों को आवंटित 100-100 वर्ग गज के प्लॉटों का कब्जा दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जानकारी जल्द उपलब्ध करवाई जाए।
इसके अलावा कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग से संबंधित समस्याओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को विभिन्न संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को मिलने वाली सभी प्रकार की छात्रवृत्तियां समय पर जारी करने के निर्देश दिए।
विशेष अधिकारी श्री खदरी ने कहा कि सीएम विंडो और जन-संवाद पर प्राप्त शिकायतें लंबे समय तक लंबित नहीं रहनी चाहिए। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी स्वयं इन समस्याओं की समीक्षा करते हैं। इसलिए अधिकारियों को शिकायतों के प्रति गंभीरता से काम करते हुए उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिकायतों का निपटारा करने के बाद एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) भी पोर्टल पर अपलोड की जाए, ताकि शिकायतों के समाधान की स्थिति स्पष्ट हो सके और नागरिकों की समस्याओं का प्रभावी ढंग से निवारण सुनिश्चित किया जा सके।






