संचार की नवीनतम तकनीकों, आपातकालीन रोबोटिक्स और स्पैम कॉल को नियंत्रित करने वाले तंत्र का किया गहन अध्ययन
चंडीगढ़, 17 अक्टूबर 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने स्वीडन के स्टॉकहोम स्थित विश्व प्रसिद्ध दूरसंचार कंपनी एरिक्सन (Ericsson) और कॉलर की पहचान करने वाली कंपनी ट्रूकॉलर (Truecaller) के मुख्यालय का दौरा किया। इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान कैबिनेट मंत्री श्री विपुल गोयल भी उनके साथ मौजूद रहे।
एरिक्सन के मुख्यालय में मुख्यमंत्री ने संचार क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। विशेष रूप से दुर्गम और दूरस्थ स्थानों पर आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए विकसित की जा रही रोबोटिक्स तकनीक की कार्यप्रणाली का उन्होंने प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने इन उन्नत तकनीकों को हरियाणा की संचार व्यवस्था और आपदा प्रबंधन प्रणाली में अपनाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की।
इसके बाद मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने ट्रूकॉलर के मुख्यालय का दौरा किया, जहां कंपनी के सह-संस्थापक श्री एलन मामेदी के साथ विस्तृत बैठक हुई। बैठक के दौरान ट्रूकॉलर की कार्यप्रणाली, स्पैम कॉल की पहचान करने वाले तंत्र तथा धोखाधड़ी वाली कॉलों (Fraud Calls) और थर्ड पार्टी कॉल से बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की गई।
मुख्यमंत्री को बताया गया कि वर्ष 2025 में भारत में लगभग 770 करोड़ स्पैम कॉल की पहचान की गई है। इस दौरान धोखाधड़ी वाली कॉलों और थर्ड पार्टी कॉल से जुड़ी चुनौतियों तथा उनके समाधान के उपायों पर गहन चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने डिजिटल सुरक्षा को मजबूत बनाने और आम नागरिकों को स्पैम तथा धोखाधड़ी वाली कॉल से बचाने के लिए ट्रूकॉलर जैसी तकनीकों के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया।
इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने एनवैक (Envac) की वेस्ट मैनेजमेंट सुविधा का भी निरीक्षण किया और आधुनिक कचरा प्रबंधन प्रणाली के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने हरियाणा के शहरों में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिए इस तकनीक को अपनाने की संभावनाओं पर विचार किया।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने इन दौरों को हरियाणा की डिजिटल और तकनीकी प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि विश्वस्तरीय उन्नत तकनीकों को प्रदेश में लागू करके संचार व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित, कुशल एवं आधुनिक बनाया जाएगा। स्पैम और धोखाधड़ी वाली कॉल की समस्या से निपटने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे तथा आपदा प्रबंधन में रोबोटिक्स तकनीक के उपयोग को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।






