नई दिल्ली, 17 अक्टूबर, 2026 (छत्रपाल सिंह): भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और देश के पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को छाती में संक्रमण होने के कारण दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 98 वर्षीय आडवाणी की हालत स्थिर बताई जा रही है और उनका अस्पताल के पल्मोनोलॉजी विभाग में इलाज चल रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उन्हें शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे अस्पताल लाया गया था। डॉक्टरों की टीम उनकी सेहत पर लगातार नजर रख रही है। आडवाणी 8 नवंबर को अपना 99वां जन्मदिन मनाएंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में की थी मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में आडवाणी के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की थी और उनका आशीर्वाद लिया था। इस मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा था कि आडवाणी की दशकों की सार्वजनिक सेवा और देश के राष्ट्रीय जीवन में उनके योगदान ने अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने भारत की प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
भाजपा के गठन और विस्तार में अहम भूमिका
लालकृष्ण आडवाणी ने अटल बिहारी वाजपेयी के साथ मिलकर वर्ष 1980 में भारतीय जनता पार्टी की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह पार्टी के सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष रहने वाले नेताओं में शामिल हैं। उनके नेतृत्व के दौरान भाजपा ने 1984 के लोकसभा चुनाव में दो सीटें जीतने से लेकर 1998 में 182 सीटों तक का सफर तय किया।
आडवाणी 1989 से लोकसभा के सदस्य रहे और अपने संसदीय राजनीतिक जीवन में सात बार लोकसभा के लिए चुने गए। उन्होंने अधिकांश समय गुजरात के गांधीनगर संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।
गृह मंत्री से उपप्रधानमंत्री तक का सफर
आडवाणी ने 1998 से 2004 तक केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में सेवाएं दीं और 2002 से 2004 तक देश के उपप्रधानमंत्री रहे। भारतीय राजनीति में उनके लंबे योगदान को मान्यता देते हुए वर्ष 2024 में उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया।
फिलहाल आडवाणी का दिल्ली के अपोलो अस्पताल में इलाज जारी है। उनकी स्वास्थ्य स्थिति से संबंधित अगले आधिकारिक अपडेट का इंतजार है।






