नई दिल्ली, 17 अक्टूबर (चौधरी प्रभजीत सिंह): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस साल दिसंबर में कनाडा दौरे को लेकर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि दोनों देश दौरे की तारीखों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। शुक्रवार को नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय की द्विसाप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दिसंबर में संभावित दौरे के बारे में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि तारीखों को लेकर बातचीत अभी जारी है। इस तरह प्रधानमंत्री के कनाडा दौरे का अंतिम कार्यक्रम अभी तय नहीं हुआ है।
मोदी और मार्क कार्नी के बीच हुई बातचीत
यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच मंगलवार को हुई टेलीफोन पर बातचीत के बाद आया है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस बातचीत को सौहार्दपूर्ण और सार्थक बताते हुए भारत-कनाडा रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी पोस्ट में मोदी ने कहा कि दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों में बनी सकारात्मक गति को आगे बढ़ाने और व्यापार, ऊर्जा, तकनीक, सुरक्षा तथा लोगों के बीच संपर्क जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में ठोस परिणाम हासिल करने के लिए सहमत हुए हैं।
व्यापक आर्थिक समझौते पर बातचीत जारी
कनाडा के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) से संबंधित बातचीत को जल्द से जल्द पूरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार को वर्ष 2030 तक दोगुना करने के प्रयासों को गति देना है।
दोनों नेताओं ने कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू के नेतृत्व में भारत आए ‘टीम कनाडा ट्रेड मिशन’ का भी स्वागत किया। इस प्रतिनिधिमंडल में लगभग 300 कारोबारी प्रतिनिधि शामिल हैं, जो भारत में व्यापार और निवेश की संभावनाओं का पता लगा रहे हैं।
कनाडा की विदेश मंत्री ने भारतीय नेताओं से की मुलाकात
कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने बुधवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की। इन बैठकों के दौरान व्यापार, निवेश, ऊर्जा, तकनीक, सुरक्षा और दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों को और मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया गया।
आनंद ने कहा कि भारत और कनाडा के पास मिलकर अधिक समृद्ध भविष्य बनाने की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे जनसंपर्क और आपसी संबंधों को भी महत्वपूर्ण बताया।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थिति पर भी चर्चा
दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच बातचीत के दौरान हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भू-राजनीतिक अस्थिरता के प्रभावों तथा ऊर्जा और कृषि जैसे क्षेत्रों में भरोसेमंद साझेदारों के महत्व पर भी चर्चा हुई।
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने यूक्रेन में रूस के युद्ध का शांतिपूर्ण समाधान खोजने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों की भी सराहना की।
दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि प्रधानमंत्री मोदी के कनाडा दौरे से पहले भी आपसी संपर्क बनाए रखा जाएगा।
भारत और कनाडा के बीच हाल की कूटनीतिक गतिविधियों से संकेत मिलते हैं कि दोनों देश व्यापारिक सहयोग और रणनीतिक संबंधों को नई दिशा देने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, प्रधानमंत्री मोदी के दौरे की तारीखों और अंतिम कार्यक्रम को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।






