25 लाख रुपये के कथित निजी भुगतान और सुसाइड नोट में उल्लिखित सात व्यक्तियों की भूमिका की जांच करवाने की अपील
चंडीगढ़, 18 अक्टूबर, 2026 (गुरमीत सिंह तुंग) : पंजाब एंड सिंध बैंक की एयरोसिटी शाखा में तैनात चीफ मैनेजर भूपिंदर सिंह की 15 अक्टूबर 2026 को हुई मौत के मामले में ऑल इंडिया पंजाब एंड सिंध बैंक ऑफिसर्स यूनियन ने स्वतंत्र और विशेष जांच की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उनका शव चुन्नी कलां के पास एक कार में से मिला था। यूनियन के अनुसार, चंडीगढ़ की सेक्टर-22 शाखा में तैनाती के दौरान भूपिंदर सिंह के पास बड़े ऋण प्रस्ताव लाने वाले एक बिचौलिए ने कथित तौर पर उन पर कुछ कर्ज मंजूर करने का दबाव बनाया था।
यूनियन का आरोप है कि कुछ ऋण खाते एनपीए (NPA) बन गए और बाद में पुराने लेन-देन को संभालने के लिए कथित काल्पनिक लेन-देन के माध्यम से और ऋण जारी किए गए। यूनियन ने यह भी दावा किया है कि भूपिंदर सिंह ने ऋण खातों से जुड़ी वित्तीय जिम्मेदारियों के लिए अपनी निजी रकम में से लगभग 25 लाख रुपये जमा करवाए थे। इस राशि के स्रोत, उपयोग और लाभार्थियों की जांच करवाने की मांग की गई है।
मामले में एक टाइप किए गए सुसाइड नोट में कथित तौर पर सात व्यक्तियों का उल्लेख होने की बात भी सामने आई है। यूनियन ने नोट की फोरेंसिक जांच, ऋण मंजूरियों, बैंक रिकॉर्ड, ऑडिट रिपोर्ट और संबंधित पत्राचार/संचार की जांच करने की अपील की है।
यूनियन ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की देखरेख में स्वतंत्र जांच टीम बनाने और संभावित वित्तीय धोखाधड़ी, दबाव, धमकियों या आपराधिक साजिश के पहलुओं की जांच करने की मांग की है। यूनियन ने स्पष्ट किया कि साक्ष्यों की जांच से पहले किसी को दोषी नहीं माना जाना चाहिए। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।






