चंडीगढ़, 20 अक्टूबर, 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में हाई पावर्ड परचेज कमेटी (HPPC) और हाई पावर्ड वर्क्स परचेज कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की खरीद और विकास कार्यों से संबंधित प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों से प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
बैठक में परिवहन मंत्री श्री अनिल विज, शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा, सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, वित्त एवं योजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव डॉ. यशपाल सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बिजली, जल आपूर्ति, सड़कों और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों को मंजूरी
बैठक में परिवहन, बिजली, शिक्षा, पर्यावरण, सहकारिता, शहरी विकास, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, लोक निर्माण तथा सिंचाई एवं जल संसाधन सहित विभिन्न विभागों के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें बिजली वितरण प्रणाली के आधुनिकीकरण, स्मार्ट ग्रिड परियोजनाओं, जल आपूर्ति एवं सीवरेज सुविधाओं, वर्षा जल निकासी व्यवस्था, सड़कों के सुधार, शैक्षणिक संस्थानों के निर्माण और भंडारण क्षमता बढ़ाने से संबंधित कार्य शामिल हैं।
बिजली वितरण प्रणाली को और मजबूत बनाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में 11 केवी फीडरों के सुधार एवं आधुनिकीकरण, नए सब-स्टेशनों के निर्माण तथा SCADA और DMS/OMS जैसी आधुनिक तकनीकों को लागू करने से संबंधित प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन कार्यों से बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार होगा।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में हरियाणा के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के जिलों में वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र स्थापित करने से संबंधित प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
गुणवत्ता, पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के निर्देश
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार उच्च गुणवत्ता के साथ समय पर पूरे किए जाएं। उन्होंने निर्माण कार्यों में तकनीकी मानकों का सख्ती से पालन करने और कार्यों की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही, कार्यों की प्रगति की समय-समय पर समीक्षा करने और लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी खरीद और निर्माण कार्यों में पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाए तथा वित्तीय अनुशासन का पूरा ध्यान रखा जाए। सरकारी धन का उपयोग जनहित को प्राथमिकता देते हुए किया जाना चाहिए और गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें और उपलब्ध संसाधनों का उचित उपयोग सुनिश्चित करें।






