अमृतसर, 21 अक्टूबर, 2026 (छत्रपाल सिंह): बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में जांच एजेंसियों ने कथित हथियार सप्लाई नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मुंबई में इस्तेमाल किए गए हथियार अमृतसर में पहले से तय एक जगह से लिए गए थे। इसके लिए ‘डेड लेटर बॉक्स’ तरीके का इस्तेमाल किया गया। इस तरीके में हथियार किसी निर्धारित स्थान पर रख दिए जाते हैं और दूसरा व्यक्ति बिना सीधे संपर्क में आए उन्हें उठा लेता है।
मामले से जुड़े 5 अहम तथ्य
1. अमृतसर से जुड़ा मामला: पुलिस सूत्रों के अनुसार, कुणाल और सुमित नाम के दो आरोपी कथित तौर पर अमृतसर से पिस्तौल और 20 कारतूस लेने गए थे।
2. कथित हैंडलर: जांच के मुताबिक, अनिल पंडित ने एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के जरिए कुणाल के संपर्क में रहकर हथियार लेने और पहुंचाने के निर्देश दिए।
3. दो महिलाओं की भूमिका: बबीता और राधा पर हथियारों को मुंबई तक पहुंचाने में मदद करने का आरोप है। सूत्रों के मुताबिक, इस काम के लिए कुल 70,000 से 80,000 रुपये दिए गए, जिसमें से कुछ रकम दोनों महिलाओं को भी दी गई।
4. गिरफ्तारियां: रिपोर्टों के अनुसार, कुणाल, सुमित, राधा और बबीता को गिरफ्तार किया गया है। मुंबई पुलिस मामले में उनकी भूमिका की जांच कर रही है।
5. फायरिंग की घटना: 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार को निशाना बनाकर गोलियां चलाई गई थीं। अभिनेता सुरक्षित रहे, लेकिन उनके ड्राइवर के घायल होने की खबर है।
पुलिस कर रही है नेटवर्क की जांच
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अमृतसर में हथियार किसने रखे थे, इस सप्लाई नेटवर्क के अन्य सदस्य कौन हैं और फायरिंग के आदेश किसने दिए थे।
रिपोर्टों में इस नेटवर्क के गैंगस्टरों से कथित संबंधों का भी जिक्र किया गया है। हालांकि, जांच पूरी होने तक इन आरोपों को साबित तथ्य नहीं माना जा सकता।






